मुखड़ा
जब उतरे हे रण में हो...
मोर ठाकुर देवता उतरे हे रण में हां 2
मोर ठाकुर देवता उतरे हे रण में हां 2
अंतरा 1
यहो लोहा के टोपी जिरहा बख्तर संग में
अपन चघाये,
वंदे धुप पर्रा घोड़ा मा सुघर जीन कसाये।
अंतरा 2
यहो तुरंत कटारी भाला बरझी कमठा
कमान सजाये,
हाथ धरे तलवार ढाल हा तन में गोप सुहाये।
(मुखड़ा)
जब सेनापति के वेश बनाये...
उतरे हे रण में हो,
मोर ठाकुर देवता उतरे हे रण में हां 2
अंतरा 3
यहो चतुरंग सेना के अगुवा बनके बैरी दल में
समाये,
खटखट खटखट मुड़ ला काटे, लहु के नरवा
बोहाये।
अंतरा 4
यहो डोंगरी बरोबर लाश गजागे हाहाकार
सुनाये,
ठाकुर देवता के आंखी हा, सेमर कस
ललियाये।
जब मार के देखत बैरी पराये...
उतरे हे रण में हो,
मोर ठाकुर देवता उतरे हे रण में हां 2
अंतरा 5
यहो चांटी माछी कस बैरी मरगे नैई बाचिन
एको झन,
जीते लड़ाई ठाकुर देवता सब झन बोले धन
धन।
अंतरा 6
यहो जय जयकार करत नर नारी लेईन रक्त
के चंदन,
दुनिया भरके ठौर ठौर मा होगे नाम उच्चारण।
(मुखड़ा)
जब बेरा बेरा में करके सुमिरन....
उतरे हे रण में हो,
मोर ठाकुर देवता उतरे हे रण में हां 2
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: Mamta Chadraker -Topic
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics