मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में
मुखड़ा
मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में -2
उड़ान—चण्ड मुण्ड महिसासुर मारे
महामाई छन छन में
मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में -2
अंतरा–1
एक समय जब महिसासुर हा उधम करिस हे भारी
देवता मन सब तेज किराके उपजाईस हे नारी
उड़ान—सब देवता मन सोचे विचारे
अपने वो मन मन में
मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में -2
अंतरा–2
फेर बघवा म चढ़ के माता दुर्गम ला ललकारे
पांच बाण ला दुर्गमसुर के छाती में दाई उतारे
उड़ान—दुर्गमसुर ला मार के माता
दुर्गा कहाये जन जन में
मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में -2
अंतरा–3
तोर महिमा के वो महामाई पार ला ना कोई पाये
झंगु राम हां वो मोर दाई कतका महिमा बताये
उड़ान—कतका रूप ला धर के मुकुंद के
बसगे मन के दर्पण में
मोर चले माँ दुर्गा गरजत जब रण में -2
गायक: गुड्डा साहू
गीतकार: मुकुंद साहू
यूट्यूब चैनल: Mandal Jasgeet
संकलन: पेखनलाल साहू
✍ लेखक: Mukund Sahu
🎤 प्रस्तुतकर्ता: Mandal Jasgeet
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