कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
सात धार के दूह पिसायें दाई दिन दयाली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
1- बर बरमा ले पाके दारूक अति रा मचाये
धन सरग म लहरे दैत के देवन रथि लुकाये
देवता धामी शिव ल गोकारे कंठ ले काली आये
रंग झांझर खं चढ़गे चंडी दानव मनल नसाये
रीस नई बुताये तबले काली के जग के होगे जंजाली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
2 - सबो देवन फेर संवरे शिवल लईका बने कसारी
कठल के रोवे मरहघर भुई म मया जगाय महतारी
धन धनिल दूद पियाथे तुप होडी त्रिपुरारी
सपराप ले रीस पीने शंभु मुरलाये देबी कारी
डमरू बजावत नाचे महादेव जागे खप्पर वाली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
3 - अतवड़ीया संग शिव गण नाचे नाचे देबी झुमरखे
तांडव नाच करे गंगाधर बिधुन होथे घुमर के
भोलेनाथ महामाया के रखये भैरवी नांव सुच्छघर के
सबों देऊता करे जयकारा शिव गहरी ल सुमर के
बघघरी चेतन बर मया जगादे किरपाली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
कोरा म शिवल खेलाये, मरघरकीन काली
✍ लेखक: श्री चेतन लाल बघधर्रा
🎤 प्रस्तुतकर्ता: 36gadh jky
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics