🌺 जसगीत — फूल फूल म करंव तोर सिंगार
🎵 मुखड़ा
फूल फूल म करंव तोर सिंगार,
हिंगलाज भवानी वो।
फूले फूल म करंव तोर सिंगार,
अंगना म आ के मोर बिराज महामाया वो मईया,
फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
🎵 अंतरा 1
मोंगरा फूल के गजरा बनावव,
मंदार फूल के हार।
गुलाब फूल कमर करधनिया,
गुलमोहर के हार।
सूरूजमुखी के बिन्दीया लगावव,
तीनो लोक होगे वो प्रकाश।
मयारू दाई,
फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
🎵 अंतरा 2
रजनी गंधा भुजा सजायेंव,
कलाई सदा बहार।
गेंदा चंपा जुही चमेंली,
पांव म तोरे सजांव।
कमल फूल तोर हाथ धरांवव,
भगतन सब करे जय जयकार।
हिंगलाज भवानी वो,
फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
🌺 समापन
फूल फूल म करंव तोर सिंगार,
मयारू दाई फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
हिंगलाज भवानी वो,
फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
मोर दुर्गा वो दाई,
फूले फूल म करंव तोर सिंगार।
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(जसगीत संकलन-पेखनलाल साहू)
✍ लेखक: अमर मानिकपुरी
🎤 प्रस्तुतकर्ता: अमर नाईट आफिशियल
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