आ ओ आ ओ
दीयना बरत होगे जगमग जगमग जगमग जगमग
जगमग जग के अंजोर
तब जग जग के अंजोर
माटी के दीयना रे माटी के दीयना (2)
ये सब जग ना रे माटी के दीयना
हो ये सब जग ना रे माटी के दीयना
दीयना बरत होगे जगमग जगमग जगमग
जगमग जग के अंजोर
तब जग जग के अंजोर
माटी के दीयना रे ज्योती बरत हे (2)
ज्योती सगर सब कोती बरत हे
हो ज्योती सगर सब कोती बरत हे
दीयना बरत होगे जगमग जगमग जगमग
जगमग जग के अंजोर
तब जग जग के अंजोर
जाहीर जग मग राती के दीयना (2)
हो पानी पुरत बिन बाती के दीयना (2)
दीयना बरत होगे जगमग जगमग जगमग
जगमग तब जग जग के अंजोर
तब जग जग के अंजोर
सब जग जग के अंजोर
✍ लेखक: दुकालू यादव
🎤 प्रस्तुतकर्ता: -
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