---
मुखड़ा
सगा अनगहिया आगे का या गोई, बईला म
चढ़के तोर बईहा आगे — २
उड़ान — गौरी बिहावन बुड़वा देवा — २
ओहा तहिया आगे काया गोई,बईला म चढ़के
तोर बईहा आगे।
....
अंतरा — १
यहो जुरयाये सरी देवता धामी, पाये शिव के
पतिया।
चाँद सुरुज दोनों संग मा रेंगय, दिन कहव की
रतिहा।
यहो लोखन के सब पाछू रहिगे, बाजा अउ
बरतिया।
भूतवा ले धरिया सब ले आये, सगा हरे की
घरतिया।
उड़ान — ले जाही का तोला उढ़ररिया — २
तोर लेवहिया आगे का या गोई, बईला म
चढ़के तोर बईहा आगे।
सगा अनगहिया आगे काया गोई,बईला म
चढ़के तोर बईहा आगे — २
....
अंतरा — २
यहो जोहर जोहर इस्सर राजा, गटगट मचे
समाये हे।
काल बरन कंकालिन के थन के, तनौटी पाये
हे।
यहो ढेरहीन बने सदा सुहागीन, चंडी नेंग
निभाये हे।
मटर मटर मटकावत दारी, भौजी लेगे बर
आये हे।
उड़ान — सास ससुर के नी पता ठिकाना — २
येदे अहिआ आगे काया गोई,बईला म चढ़के
तोर बईहा आगे।
सगा अनगहिया आगे काया गोई,बईला म
चढ़के तोर बईहा आगे — २
....
अंतरा — ३
यहो गौरी गौरा मड़वा कीजरे, दाई के डोर
टिकागे।
जनम जनम के जोड़ी जावर, पिरित के बंधना
बाधागे।
यहो माई भरोसा तीन परोसा, मांदी चंडी
खागे।
नोहर सोहर भौजी पाये, ननद हा हरसागे।
उड़ान — परमानन्द पुरबिया परके — २
मनमोहइया आगे काया गोई,बईला म चढ़के
तोर बईहा आगे।
सगा अनगहिया आगे काया गोई, बईला म
चढ़के तोर बईहा आगे — २
....
(जसगीत संकलन-पेखनलाल साहू)
.....
✍ लेखक: परमानंद पुरबिया
🎤 प्रस्तुतकर्ता: के. के. पंचारे-जस भजन
हमारे मोबाइल ऐप के साथ छत्तीसगढ़ी लिरिक्स का आनंद लें
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics