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पुराना सेवा जस - लिरिक्स सिंपल लिस्ट

337 लिरिक्स

1 LK915 फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे
2 LK923 सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स
3 LK916 कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा
4 LK894 तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन
5 LK921 मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो
6 LK1247 कौरु नगर बर हो मोला संग देबे माता-मिथलेश्वरी सेन
7 LK917 देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया
8 LK1024 ये गरजत आये महामाई मोर नवागढ़ ले-श्रीराम ठाकुर
9 LK922 हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया
10 LK914 कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर,
11 LK928 सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा-पेखनलाल साहू
12 LK951 चले आबे वो मैया अंगना मा मोर
13 LK911 उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार
14 LK1185 जब झुरहूर झुरहूर हां जब नार बहत हे
15 LK948 जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है -हेमंत तेली
16 LK977 घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली
17 LK919 जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु
18 LK913 आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार)
19 LK1161 कुमवी ले उपजे मैया बंकासुर दानव हो-पेखनलाल साहू
20 LK920 सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी
21 LK924 डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा
22 LK956 हे मैया माता सेवा मा चले आबे
23 LK912 कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर
24 LK859 तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई
25 LK1065 कौन विधि बरनव वो तोर नाम ला दुर्गा
26 LK939 हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े
27 LK960 कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव
28 LK1168 राजा जगत के सात झन बेटिया एक बंझुली -पेखनलाल साहू
29 LK1008 सदा भवानी दाहिनी रहिबे माया मोर सनमुख गौरी गणेश हो मां
30 LK992 भैरव रे बाबा जोगिया जोगिया के किंदरा-बलराम कामड़ी
31 LK925 फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में
32 LK930 तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा
33 LK936 थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना
34 LK968 चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां
35 LK932 मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां -पेखनलाल साहू
36 LK1098 तोर आरती उतारव हो जगतारण जग में -ममता देशमुख
37 LK1068 मोहनी मुरतिया हे तोर मोर देवी दुर्गा
38 LK1023 पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना
39 LK935 मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन
40 LK940 थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा, गोपाल साहू
41 LK938 अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel
42 LK955 चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां
43 LK946 आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-लालाराम साहू
44 LK929 बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे
45 LK1234 दाई दुर्गा दाई वो तोर चरण मा पड़े हंव-चित्ररेखा यादव
46 LK957 माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना
47 LK1102 रुमझुम चिरैया बोले वो मैया तोर अंगना मा
48 LK978 जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां-मोनिका वर्मा
49 LK944 जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन
50 LK1252 बेला चमेली और गुलाब लगे हैं-देवेश शर्मा
51 LK961 तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर
52 LK949 सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गावथंव
53 LK1232 कईसे तोर सेवा ल बजावव वो
54 LK1218 एक्कईसो बहिनिया के भैया लंगुरवा हे गा-रामफल कैवर्त
55 LK1030 घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां -कुबेर साहू
56 LK941 मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन
57 LK1202 जगजोत जंवारा माई के भुवन में हो
58 LK993 सब देवता हा काली तोरे तन ला सिंगारे हो मां -मनहरण साहू
59 LK947 हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना-रत्ना विश्वकर्मा
60 LK934 गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया -पेखनलाल साहू
61 LK1053 डम डम डमरू बजावै हो डम डम डमरू बजावै हो
62 LK1013 ये लंगुरे खोजन बर हो अब चलय महामाई -गुलाबा देवी खरे
63 LK988 काखर आना हो मैया काखर बाना हो -भुनेश्वर यादव
64 LK931 लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू
65 LK1207 पथरा के देवी तोला बारो महिना बंदव वो
66 LK1100 पतली कमर मोर माता दुर्गा के कनिहा ले हावय लंबे बाल-रीनू सोनकर
67 LK950 तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन
68 LK1227 शारद मोर सती मां -कांतिकार्तिक यादव
69 LK1190 हो काली मारे किलकारी रण म रिसागे भारी ना-पूरण साहू
70 LK1245 तुम उठव भवानी जगमग जगमग हां-आंचल वर्मा
71 LK1039 गिरी पर्वत ले उतरे महामाई वो उतरे महामाई
72 LK1019 शीतला बिराजे वो मोर गांव मा बर नीम के छांव मां-कुबेर साहू
73 LK1011 कलप कलप के हां दुरपति पुकारे कलप कलप के हां
74 LK1250 सरवर नहाए बर जावय यहो जावय हो मईया
75 LK1045 कंकालीन मोरे माया हो दयालु मोरे माया
76 LK987 ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके
77 LK1215 मान जाना दाई वो मान जाना वो-दिवेश साहू
78 LK975 आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई
79 LK1021 मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना सोन के चिरैया बोले-पेखनलाल साहू
80 LK986 हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां -पेखनलाल साहू
81 LK1241 घेरी बेरी मै माथ नावावव ओ-मोर दुर्गा मईया
82 LK1230 रनभन रनभन वो तोर खेले दुलरवा
83 LK1186 ये आजा वो आजा मोरे दुर्गा दाई आजा वो-ओंकार वर्मा
84 LK966 तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू
85 LK943 भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू
86 LK937 धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद
87 LK1113 मैं गावंव मैया दुलरु जनम ला हां
88 LK984 मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा
89 LK971 तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा -कुबेर साहू
90 LK933 दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू
91 LK990 शारद मोर सती मां पैया लागत हंव दाई तोर-नरोत्तम यादव
92 LK1179 मैया तोर भुवना देवी तोर भुवना फुले हे फुलवारी
93 LK1099 हरियर मड़वा ला काबर टोरे मोर देव दुलरवा-पेखनलाल साहू
94 LK1049 तोर नाक के नथनी चमके तोर माथ के टिकली चमके
95 LK980 जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता
96 LK1249 जुग बंदव माता काली चरण जुग हां
97 LK982 भैया ठाकुर देव मोर बाला ठाकुर देव -गंगाराम साहू
98 LK979 झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू
99 LK1231 गर्व करे तोसे हारे आंनदी हो मैया
100 LK1195 सगुरी नहाये ला जाये आदि भवानी-पूरण साहू
101 LK1182 जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव-पूरण साहू
102 LK1146 कैसे गुण गावंव काली कंकाली
103 LK1142 डोंगरगढ़ के हां बमलाई ला सुमिरव
104 LK1109 मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना रुमझुम चिरैया बोले-गौतम टंडन
105 LK997 बैठे हे सागर के वो पार घुंघरू बजावथे-लक्ष्मीन सिंगरौल
106 LK1255 संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव मईया-डेविड निराला
107 LK1244 चले सगुरी नहाय माता भुवन ले निकल के
108 LK1211 मैया ताले सगुरिया के निर्मल पानी हो माया -संपतलाल निषाद
109 LK1043 तरिहच नारी नाहना वो माय-दीपक साहू
110 LK974 आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर
111 LK1208 नेवताथंव तोला नवरात में ऐ गणराजा-मीना यादव
112 LK1180 झूपत आबे वो दाई नाचत आबे वो-राकेश साहू
113 LK1149 ऐ गा ऐ जंगल के राजा महतारी ला लेके आजा-लोकेश्वरी सेन
114 LK1144 धुर्रा खेंलन झन जाबे बाबू लंगुरे
115 LK981 हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो
116 LK1183 तोला भार लागे माय ऐ फुलवारी के पंडो के
117 LK1101 जब चंदा ला नेवतेव सुरुज ला नेवतेव नेवतेव आदि भवानी
118 LK976 जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला
119 LK1235 झन जाबे गा भैया लंगुरे मत जाबे गा भैया लंगुरे-हरिश्चंद्र यदु
120 LK1137 पगु धारे हो माया रुमुक झुमुक ला हां
121 LK1017 नदिया के तीर तीर दुई जोड़ी बैला-कुबेर साहू
122 LK1015 निबुआ के धरम दुवार हो माया मोर -हरि वर्मा
123 LK983 तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार-खुशबू कुमारी
124 LK959 जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू
125 LK1166 झन जा वो माईके झन जा वो माईके गौरी ला बोलथे भोला -भुवन टंडन
126 LK1141 माई बर फूल गजरा गुंथव वो देवी बर-सुरेन्द्र वर्मा
127 LK1061 कोन कोन देवता आए भुवन मा कोन देवता नहीं आए-पप्पू यादव
128 LK1018 रिगबिग रिगबिग रिगबिग ज्योत जलत हे
129 LK999 माटी के पुतरी अंबा नवदिन बर आये हो-विनोद देवांगन
130 LK970 अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां
131 LK1248 घुंघरू में कंकड़ समाए मोरे मां -आरती सिंह
132 LK1237 भगवती भवानी हा भगवान शिव ला खागे-राजेश सिंहा
133 LK1224 कब तै अवतरबे दाई शेरा वाली पहुंना बनके-भरत जाटव
134 LK1178 सरस्वती मैया हो सुरताल देवैया वो-Bandhi varma
135 LK1123 हां काकर अंगना में मैया गढ़े हे हिंडोलना वो
136 LK1002 झूला झुलौनी चलो खेलबोन हो माया मोर-देवकुंवर बंजारे
137 LK1251 हो मैया चंडीका हो दुर्गा अंबिका-खुशबू साहू
138 LK1239 अकईसो बहिनी के भैया मोर लंगुरवा-रामधनी धीवर
139 LK1233 आमा तरी अमली बगीचा तरी झिरिया -चंदा यादव
140 LK1225 हरियर मड़वा उजाड़े उजाड़े हो मैया-राजु सेन
141 LK1213 शीतलंग शीतलंग मैया तुम झन रटी हौ -संपतलाल निषाद
142 LK1201 रण गरजे वो काली रण में रंगझाझर मचाये
143 LK1184 ये भव भव आरती हां उतारव मैया-ओंकार वर्मा
144 LK1162 गरजत आये महामाया करताल वाले
145 LK1160 ऐ ओ मयारू दाई वीणा बजावत चले आबे ओ-लोकेश्वरी सेन
146 LK1138 लंगुरे तो लंगुरे हो मैया हंका वो परत है-संपतलाल निषाद
147 LK1010 नवदुर्गा जावय गंगा नहाये बर हां
148 LK1003 रनबन रनबन हां तुम खेलव दुलरवा-गौतम टंडन
149 LK1243 ये हो कौने दिन तोर दुर्गा अनमन जनमन हो
150 LK1228 ये गरजत निकले बमलाई डोंगरगढ़ के-हेमंत शर्मा
151 LK1042 आओ देवी दुर्गा हमरो दुवरिया हो -देवेन्द्र साहू,लेखराम साहू
152 LK1006 बैठे सिंहासन देवी बुढ़ीमाई हो -राजू सेन
153 LK1000 लहर के नाचय दुर्गा घुमर के नाचय दुर्गा -जसराज सिंहा
154 LK962 तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी
155 LK954 आरती मां के सजाये ओ मोर भैया लंगुरे
156 LK1229 एक्कीस बहिनी के भैया लंगुरवा
157 LK1189 तोर दरसन पायेव नव कलशा में महामाई-ईश्वर साहू
158 LK1156 झूला झूलव भवानी हृदय के झूलना मा मोर-ज्ञानेश कैवर्त
159 LK1074 मैं नई तो जानों देवी के अपार माया ओ-लीला बाई साहू
160 LK1069 आमा पान के पतरी करेला पान के दोना वो
161 LK964 जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा-रामजी सोनी
162 LK1238 मैया बर गजरा बनावय वो बगिया मा मालिन -संतोष साहू
163 LK1209 क्वांर महिना मा दाई आ जाबे अंगना मोर-रामधनी धीवर
164 LK1157 कोन रुखवा मा कोन देवता बिराजे हो माया
165 LK1130 जब सुमर सुमर के हां तोला बंदव माता
166 LK1029 माता के अंगना मा तुलसी के बिरवा वो
167 LK1028 पलना गड़े हे मजेदार झूलो ना मैया पालना-डी.एस. भुआर्य
168 LK1012 जब अशोक बन में हो मोर सिया घबराये-कुबेर साहू
169 LK1254 ये पनिहा ऊपर पुराईन पुराईन ऊपर फुलवा-अशोक सर्वंश
170 LK1226 तोर जोत जंवारा दाई-हेमंत निर्मलकर
171 LK1127 हो मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना
172 LK1058 चल उड़जा उड़जा सुवना माता मयारु के भुवना-शिव सेन
173 LK1041 कारी मा बिरबीट कारी माता कलकत्ता वाली
174 LK1040 चैत महिना में मैया रचे हे बिहावे वो-मीना यादव
175 LK1009 ये लगे हे स्वयंबर हां माता दुरपति के-द्वारिका प्रसाद वर्मा
176 LK985 हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा-नारायण सोनी
177 LK1253 जंतर मंतर हो चल घुघुनारा-दीपक साहू
178 LK1242 बहिनी मिले के मोला साधे हो माया मोर-डेविड निराला
179 LK1212 तोर अंगना वो दाई तोर अंगना
180 LK1164 मलनिया गूंथ देना वो मोर दुर्गा दाई बर फूलवा के हार
181 LK1076 तोला बंदत हंव दिन रात वो मोर दुर्गा मैया
182 LK945 पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव
183 LK1246 चले आए महामाया दुलरू लेवन बर हो-दीपक साहू
184 LK1205 तोर महिमा कतिक बखानों वो ये मां दुर्गा काली -लीला बाई साहू
185 LK1193 ओदे जात हे लैईका ला रोवाके दाई जात हे-हिमेन्द्र सेन
186 LK1155 चुन चुन फूलवा मैं लाने हावंव ओ
187 LK1143 बरन बरन के हां तुम धरेव वो सवारी
188 LK1072 डबरा में जन्मे हो महिषासुर दानव
189 LK1066 रुमझुम रुमझुम चिरैया बोले माया मोर-दीनू साहू
190 LK1050 हो ब्रह्म धरले कमंडल ब्रह्म धरले कमंडल माता सेवा में चले आये हो मां -दीपक साहू
191 LK1044 कंकालीन किंजरे रनबन रनबन हाँ -दीपक वर्मा
192 LK1027 ये बघवा मा आबे दाई बघवा मा आबे मैया -श्रीराम ठाकुर
193 LK996 साजे सतवंतिन दाई रुचमुच शृंगारी वो
194 LK973 हो मैया ताले सगुरिया हो दुर्गा ताले सगुरिया-अनुसूईया साहू
195 LK969 लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव
196 LK1236 बंकासुर दानव धरती मा करे अत्याचारी-लीला बाई साहू
197 LK1220 जय देवी दुर्गा ये हो जगत के वो जलनी-अनुज वर्मा
198 LK1217 हरियर जंवारा पीयर पाना ए मइया
199 LK1216 मैया तोर भुवना देवी तोर भुवना -अर्जुन यादव
200 LK1210 कलशा के दिया दाई जलत नइहे वो
201 LK1203 तोरे दरश बर हां सब देवता हा आये
202 LK1171 हां हां मोर माई सुमिरव मैं कालिका ला हां
203 LK1170 रावण भयो राजा सीता हरण बर हो
204 LK1169 यहो बघवा ढिलाये बघवा ढिलाये बघवा ढिलाये ना-पूरण साहू
205 LK1154 मां येहो निरंजन जोगी नंद घर अलख जगाये हो मां -संपतलाल निषाद
206 LK1140 अतना के बेरिया कौन देव ला सुमिरौ वो-जंतराम ध्रुव,कमलेश देवांगन
207 LK1129 बघवा मा बैठे रणगरजे वो दुर्गा दुलौरिन दाई-पुरण साहू
208 LK1105 अंबे के भुवन कहां दुर्गा के भुवन कहां
209 LK1095 जग ला रचे हे पांचों पंडवा मोर दुर्गा मैया -अर्जुन यादव
210 LK1086 मैं बालक बरुवा वो दाई तोर सेवा में आयेव मां -भूषण फेकर
211 LK1080 निर्मल निर्जल पानी सगुरिया के निर्मल निर्जल पानी हो मां -फेरू राम निषाद
212 LK1052 कब तैंहा आबे वो दाई हमरो घर पहुना बनके
213 LK1014 देवी के सिंगारे बर येहो मोर चलय मलनिया-तीतरा श्रीवास
214 LK991 पंडा कराये रहो पूजा मैया जी की झूम झूम के
215 LK989 बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे
216 LK1198 जगतारण देवी वो तोर महिमा बरनी ना जाये-जितेन्द्र ध्रुव
217 LK1188 दुर्गा रिसाये हे हां तीन फुलवा बा मैया-सोन कुमारी मिरी एवं कौशल लहरे
218 LK1132 पहली मा सिरजे भाई मोर धरती अउ पिरथी ला-झग्गर साहू
219 LK1119 ये महामाई चरण ला हां मैं बंदव माता -अश्वनी वर्मा
220 LK1117 येहो मां दुर्गा काकर अंगना मा लीम डार हो मां-परमेश्वर सिंगरौल
221 LK1035 तरजाही ओ चोला हा तोरे दरश ले हां -नोहर वर्मा
222 LK1033 हो कारी ओ मड़ुलिया हां निर्मल के हो माता -नारायण सोनी
223 LK967 जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां
224 LK942 मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण
225 LK1219 कहां तोर बाजय वो मैया लोहा के नगाड़ा-संतोष साहू
226 LK1200 चले आयेव मैया तोरे पूजन बर हां
227 LK1175 धरम के बात बता देते मोर माता-रामदयाल जायसवाल
228 LK1136 तेंहा कोरा मा खेलाले ओ दाई-पं मदन चौहान
229 LK1135 बर अघुवावय वो पीपर पछुवावय वो-गौतम टंडन
230 LK1133 तोला डंडा शरण मनावव वो ठाकुर देव शीतलैया- जय सीयाराम यादव
231 LK1122 दाई तोर भुवन मा जंवारा बोवाये हे
232 LK1118 ये रिग बिग रिग बिग हां जग जोत जलत हे
233 LK1106 अनलेख ओ दाई दियना जलत हे अनलेख-चिन्तु राम सेन
234 LK1096 करे सेवुक तोर आरती दीया थारी ला सजाके -कुंजलाल साहू
235 LK1092 हल जोतय ओ महादेव डोंगरी के तीर तीर हां-श्रीराम ठाकुर
236 LK1089 कोन मेर राहय वो मैया मोंगरी मछुरिया वो-राजिम केंवट
237 LK1073 अबड़ सुघर लागे वो मैया तोर सेवा हर
238 LK1054 ये नवदिन के कलशा जलाये हंव जगतारण वो -गुलाबा देवी खरे
239 LK1032 घपटे अंधियारी वो मैया चमके बिजुलिया वो-राजिम केंवट
240 LK1016 सबो देवता आये हे अपने भुवन ले वो सबो देवता आये हे-चैनू साहू
241 LK998 यहो जय दुर्गा जय शीतला भवानी
242 LK963 जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां
243 LK953 ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे
244 LK1197 काली कंकालीन वो परत हौ तोरे पईया
245 LK1194 जग ऊपर कलशा कलश पर दियना-पूरण साहू
246 LK1191 गंगा नहाय बर चले महामाई वो-अशोक यादव
247 LK1167 नजरे नजर मा झूल झूलना दाई-भरत जाटव
248 LK1163 सुमरी सुमर के हां मैं तोर जस गावंव-सुमित्रा ध्रुव
249 LK1145 कैसे मालिन टोरी कैसे मालिन टोरी
250 LK1128 मैं बंदत हंव दिन रात वो मोर शीतला मैया
251 LK1125 गड़ा देगा भैया डोलवा झूला देगा भैया झूलना
252 LK1115 मोर अंगना ला काबर छोड़े मोर दुर्गा दुलौरिन-दिनेश जांगड़े
253 LK1108 जगमग जगमग हां जगजोत जंवारा -हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद
254 LK1087 नदिया के तीर तीर मैया लगे हे केवड़िया- भुवन टंडन एवं गौतम टंडन
255 LK1067 तै आंसू बोहाये वो तै आंसू बोहाये ना-ममता देशमुख
256 LK1046 नई जानेव सेवा ला तुम्हार ऐ मोर मैया
257 LK1031 माता के दुलरवा लंगुरे सेवा मा आहू ना
258 LK1025 जमुना के तट मा चंदन एक बिरवा हो मां -जंतराम ध्रुव
259 LK1022 तैं जनम धरे माता दुनिया ला तारे बर हां -भगवानी यादव
260 LK952 मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा
261 LK1223 हो मैया पांचों रंगा हो दुर्गे पांचों रंगा-सुशीला ठाकुर
262 LK1222 कहवा में बसय मैया रैया ओ रतनपुर -अनुसूईया साहू
263 LK1192 ऐ हो मैया हो मैया तोर दरश बर आयेन-पूरण साहू
264 LK1177 दर्शन बर माता गुटरे परेवना हां-फागु साहू
265 LK1165 दाई तोर अचरा मा फुले फुल गजरा मा-गजेन्द्र सिंह ठाकुर
266 LK1139 जब बाना लेवन बर हो चले दुलरु दुलरवा -कुबेर साहू
267 LK1134 माया के माया के भुवन पर नारद वीणा बजाएं -अश्वनी वर्मा
268 LK1131 सरस्वती तोला वो बंदव बारम बारे -कुबेर साहू
269 LK1120 ये मन रीझगे वो माता तोरे फुलवरिया मा हां-सुमित्रा ध्रुव
270 LK1112 सुमर सुमर के मैया तोरे जस गावंव वो-ओंकार वर्मा
271 LK1097 झूलना झूलन बर हां मैया मोर जावय
272 LK1082 नदिया किनारे बने हे एक मंदिरवा-दीपक वर्मा
273 LK1079 ये कांपत हे दुनिया हो जब काली हा उमड़े-सदन यादव एवं संतोषी दिवान
274 LK1078 गौरी बिहाये बर हो शिव भोला हर जावय-कुबेर साहू
275 LK1071 जब शीतलंग शीतलंग रटे बुढ़ी माई-गौतम टंडन
276 LK1062 उड़ जाबे रे सुवना मैया के अंगना हां-कुबेर साहू
277 LK1059 माता के अंगना मा दाई फुलवा के बगिया वो-धनेश्वर निषाद, गायत्री निषाद
278 LK1057 मोर मनहर बंशी बाजगे भुवन में हां
279 LK1056 तोर ललना झुलावय आज वो दाई झूले झूलना-युवराज निषाद
280 LK1048 मैं लायेव दुर्गा तोर बर मोंगरा के हार-रामनाथ वर्मा
281 LK1020 माई के दरश बर हां तै महु ला अगोरबे -लुकेश्वर वर्मा एवं कुबेर साहू
282 LK1005 तोर पांव के पैजन बाजे -कामता प्रसाद शरण
283 LK995 हियो हियो हंका पारे मोर बन कदली मा
284 LK972 तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा
285 LK1204 डग डग डग डग हो तोर डमरू हा बाजे-कुबेर साहू
286 LK1199 सुमिरन सुमिरन माता तोरे जस गांवथो
287 LK1159 दसो अगुरिया के मैया अरजी करत हन-हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद
288 LK1153 दाई के मयारु बघवा कहां लुकागे-राकेश साहू
289 LK1147 कुनिया लहसी गे अरे हां पर्वत में महादेव -द्रोपति निषाद
290 LK1124 एक बाजा बाजे वो मैया कोट नगर में
291 LK1116 मैया धीरे झुलव वो जलनी धीरे झुलव वो-लवकुमार
292 LK1114 दहिया बेचन बर हां मोर चले ग्वालीन
293 LK1104 दौड़त आयेव वो भवानी दौड़त आयेव वो-हस्तिका एवं द्रोपती निषाद
294 LK1103 जब फूलन के हरवा हां गल डालो मलनिया फूलन के हरवा हां-दीपक वर्मा
295 LK1094 सिंगार भवानी वो पांचों रंग सजले हां-हेमंत तेली
296 LK1090 कउने रंग फुलवा अउ कउने रंग चुनरिया ओ-राजिम केंवट
297 LK1070 चरके भगाईगे हो मोर हरिण मृगवा-तिहारू यादव एवं कुसुम प्रजापति
298 LK1038 देवी के भुवन मा बरथे जोत-मोतीलाल जलतारे, गुंजा मानिकपुरी
299 LK1037 छत्तीसगढ़ अंगना चंदन एक रुखवा हो मां -गंगाबाई मानिकपुरी
300 LK1036 तोर जोत जंवारा रिगबिग रिगबिग मां-अनुसूईया साहू
301 LK1034 तोरे चरण के मैं दास मैं आयेव अंबे-मोतीलाल जलतारे,गुंजा मानिकपुरी
302 LK965 ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई -कामता सेन
303 LK958 हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई -भूषण फेकर
304 LK1206 मैया तोला मनावंव वो भवानी तोला मनावंव वो
305 LK1196 ऐ वो मोर दाई दुलोरिन ऐ वो दुर्गा सिरमोतिन
306 LK1151 हे मैया शारदे मया अउ दुलार दे-चिंतुराम सेन
307 LK1148 ये बीच बस्ती मा मैया तैंहा बिराजे वो-विजय कुमार सिंगरौल
308 LK1107 मैया निक लागे ओ तोर भुवन फुलवरिया-कुबेर साहू
309 LK1084 कैसे चढ़ावंव आरुग फूलवा तोर चरण मा दाई
310 LK1077 यहु पार यमुना वो दाई मोर वहु पार यमुना हो-गौतम टंडन
311 LK1075 माता शीतला बंदव चरण कर जोरे हो मां
312 LK1063 कैसे के जस तोरे गांवव वो बुढ़ी माई-भूषण फेकर
313 LK1051 मोर माया के दरबार कोयलिया कुहु कुहु बोले ना-सीमा कौशिक
314 LK1047 मैया माता मोरे दुर्गा मैया मोरे-हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद
315 LK1004 हो मैया तोरे भुवन मा वो-भूषण फेकर
316 LK1001 शारदा माता सरस्वती भवानी ओ दुर्गा-रत्ना विश्वकर्मा
317 LK1214 ओरी ओरी फुलवा लगायेव दाई वो-कुबेर साहू
318 LK1150 जगमग जगमग मैया भुवन करत हे-मीना यादव
319 LK1091 जब देवी दरश बर हो सब देवता हा आवय-कुबेर साहू
320 LK1085 जब नवदुर्गा के हां मैं चरण ला बंदव-कुबेर साहू
321 LK1064 फुल बोले मलनिया बगिया में सोने सोने हार-ममता देशमुख
322 LK1060 बघवा मा होके वो सवार आबे दुर्गा दाई-कुबेर साहू
323 LK1026 आबे नवरात मा दाई मोर अंगना मा वो-कार्तिक साहू
324 LK994 बारमसी चिरैया होगे बिहनिया -ढेला बाई सूर्यवंशी
325 LK1240 लंगुरवा भईया सुंदर आरती सजाए हो मां-विजय कुमार सिंगरौल
326 LK1121 ये मन के मंदिर मा हो तोर पूजा करंव दाई
327 LK1088 ये लंगुरवा नाचे ओ ये लंगुरवा नाचे ना-राजिम केंवट
328 LK1081 हो मैया तोरे चरण में हो दाई तोरे चरण में -भगवानी यादव
329 LK1221 जग पर भुवना भुवन पर कलशा -संपतलाल निषाद
330 LK1110 नवरंग चुनरी चढ़ाये ओ माता नवरंग चुनरी चढ़ाये-लीला बाई साहू
331 LK1093 जय चंडी जय दुर्गा काली जय जय खप्परवाली-चामराय साहू
332 LK1083 मोर दुर्गा भवानी दर्शन करे ला आयेव तोर
333 LK1055 मोर गरीब घर आये देवी दुर्गा वो कैसे के करौं तोर मान हो मां-राजू वर्मा
334 LK1152 माता जगदंबा ऐ भवानी तैं आके बिराजे-कुंती साहू एवं हर्षा प्रधान
335 LK1111 काकर खांद पर सोनहा जनेव वो-हेमंत तेली
336 LK1007 जै जै दुर्गा हो नवदुर्गा हो माता -पूर्णिमा साहू,दीपक साहू
337 LK1126 माता के अंगना वो केवला के भुवना वो

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