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229 लिरिक्स
| 1 | LK915 | फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे |
| 2 | LK923 | सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स |
| 3 | LK916 | कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा |
| 4 | LK894 | तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन |
| 5 | LK921 | मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो |
| 6 | LK917 | देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया |
| 7 | LK914 | कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर, |
| 8 | LK922 | हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया |
| 9 | LK911 | उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार |
| 10 | LK919 | जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु |
| 11 | LK913 | आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार) |
| 12 | LK928 | सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा सेवा में ध्यान लगाये हो मां |
| 13 | LK920 | सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी |
| 14 | LK924 | डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा |
| 15 | LK912 | कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर |
| 16 | LK859 | तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई |
| 17 | LK925 | फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में |
| 18 | LK1024 | ये गरजत आये महामाई मोर नवागढ़ ले-श्रीराम ठाकुर |
| 19 | LK960 | कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव |
| 20 | LK977 | घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली |
| 21 | LK951 | चले आबे वो मैया अंगना मा मोर चले आबे भवानी अंगना मा मोर |
| 22 | LK932 | मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां |
| 23 | LK930 | तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा |
| 24 | LK929 | बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे |
| 25 | LK938 | अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel |
| 26 | LK948 | जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है (पारंपरिक)-हेमंत तेली |
| 27 | LK940 | थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा |
| 28 | LK936 | थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना लंगुरवा माई |
| 29 | LK935 | मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन |
| 30 | LK939 | हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े |
| 31 | LK1023 | पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना |
| 32 | LK931 | लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू |
| 33 | LK955 | चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां -पारंपरिक |
| 34 | LK1008 | सदा भवानी दाहिनी रहिबे माया मोर सनमुख गौरी गणेश हो मां |
| 35 | LK934 | गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया -विसर्जन गीत |
| 36 | LK956 | हे मैया माता सेवा मा चले आबे |
| 37 | LK937 | धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद |
| 38 | LK941 | मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन |
| 39 | LK946 | आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-लालाराम साहू |
| 40 | LK944 | जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन |
| 41 | LK933 | दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू |
| 42 | LK978 | जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां -पारंपरिक |
| 43 | LK968 | चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां -पारंपरिक |
| 44 | LK943 | भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू |
| 45 | LK1049 | तोर नाक के नथनी चमके तोर माथ के टिकली चमके |
| 46 | LK997 | बैठे हे सागर के वो पार घुंघरू बजावथे-लक्ष्मीन सिंगरौल |
| 47 | LK993 | सब देवता हा काली तोरे तन ला सिंगारे हो मां -मनहरण साहू |
| 48 | LK984 | मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा |
| 49 | LK957 | माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना-पारंपरिक |
| 50 | LK992 | भैरव रे बाबा जोगिया जोगिया के कुंदरा सुहावन नीक लागे-बलराम कामड़ी |
| 51 | LK1021 | मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना सोन के चिरैया बोले |
| 52 | LK1003 | रनबन रनबन हां तुम खेलव दुलरवा रनबन रनबन हां -गौतम टंडन |
| 53 | LK990 | शारद मोर सती मां महिमा तोर हावय वो अपार-पारंपरिक |
| 54 | LK961 | तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर |
| 55 | LK1099 | हरियर मड़वा ला काबर टोरे मोर देव दुलरवा |
| 56 | LK1053 | डम डम डमरू बजावै हो डम डम डमरू बजावै हो |
| 57 | LK1043 | तरिहच नारी नाहना वो माय-दीपक साहू |
| 58 | LK988 | काखर आना हो मैया काखर बाना हो -भुनेश्वर यादव |
| 59 | LK987 | ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके -पारंपरिक |
| 60 | LK975 | आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई |
| 61 | LK950 | तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन |
| 62 | LK947 | हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना (पारंपरिक)-रत्ना विश्वकर्मा |
| 63 | LK1042 | आओ देवी दुर्गा हमरो दुवरिया हो -देवेन्द्र साहू,लेखराम साहू |
| 64 | LK1030 | घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां -कुबेर साहू |
| 65 | LK971 | तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा महामाई -कुबेर साहू |
| 66 | LK970 | अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां -पारंपरिक |
| 67 | LK1065 | कौन विधि बरनव वो तोर नाम ला दुर्गा |
| 68 | LK1045 | कंकालीन मोरे माया हो दयालु मोरे माया |
| 69 | LK1044 | कंकालीन किंजरे रनबन रनबन हाँ -दीपक वर्मा |
| 70 | LK1018 | रिगबिग रिगबिग रिगबिग ज्योत जलत हे |
| 71 | LK1000 | लहर के नाचय दुर्गा घुमर के नाचय दुर्गा -जसराज सिंहा |
| 72 | LK949 | सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गायेन वो -पारंपरिक |
| 73 | LK1080 | निर्मल निर्जल पानी सगुरिया के निर्मल निर्जल पानी हो मां -फेरू राम निषाद |
| 74 | LK1061 | कोन कोन देवता आए भुवन मा कोन देवता नहीं आए-पप्पू यादव |
| 75 | LK1033 | हो कारी ओ मड़ुलिया हां निर्मल के हो माता -नारायण सोनी |
| 76 | LK1029 | माता के अंगना मा तुलसी के बिरवा वो |
| 77 | LK1027 | ये बघवा मा आबे दाई बघवा मा आबे मैया -श्रीराम ठाकुर |
| 78 | LK1013 | ये लंगुरे खोजन बर हो अब चलय महामाई -गुलाबा देवी खरे |
| 79 | LK982 | भैया ठाकुर देव मोर बाला ठाकुर देव -गंगाराम साहू |
| 80 | LK980 | जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता -पारंपरिक |
| 81 | LK966 | तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू |
| 82 | LK1101 | जब चंदा ला नेवतेव सुरुज ला नेवतेव नेवतेव आदि भवानी |
| 83 | LK1069 | आमा पान के पतरी करेला पान के दोना वो |
| 84 | LK1015 | निबुआ के धरम दुवार हो माया मोर -हरि वर्मा |
| 85 | LK986 | हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां |
| 86 | LK981 | हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो-दुकालु यादव,दिनेश साहू |
| 87 | LK974 | आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर |
| 88 | LK964 | जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा-रामजी सोनी |
| 89 | LK1068 | मोहनी मुरतिया हे तोर मोर देवी दुर्गा |
| 90 | LK1046 | नई जानेव सेवा ला तुम्हार ऐ मोर मैया |
| 91 | LK1041 | कारी मा बिरबीट कारी माता कलकत्ता वाली |
| 92 | LK1028 | पलना गड़े हे मजेदार झूलो ना मैया पालना |
| 93 | LK1012 | जब अशोक बन में हो मोर सिया घबराये-कुबेर साहू |
| 94 | LK1010 | नवदुर्गा जावय गंगा नहाये बर हां -पारंपरिक |
| 95 | LK1002 | झूला झुलौनी चलो खेलबोन हो माया मोर-देवकुंवर बंजारे |
| 96 | LK999 | माटी के पुतरी अंबा नवदिन बर आये हो-विनोद देवांगन |
| 97 | LK985 | हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा आदि भवानी -नारायण सोनी |
| 98 | LK979 | झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू |
| 99 | LK976 | जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला-पारंपरिक |
| 100 | LK969 | लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव |
| 101 | LK962 | तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी |
| 102 | LK954 | आरती मां के सजाये ओ मोर भैया लंगुरे -पारंपरिक |
| 103 | LK945 | पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव |
| 104 | LK942 | मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण |
| 105 | LK1100 | पतली कमर मोर माता दुर्गा के कनिहा ले हावय लंबे बाल-रीनू सोनकर |
| 106 | LK1086 | मैं बालक बरुवा वो दाई तोर सेवा में आयेव मां -भूषण फेकर |
| 107 | LK1073 | अबड़ सुघर लागे वो मैया तोर सेवा हर |
| 108 | LK1066 | रुमझुम रुमझुम चिरैया बोले माया मोर-दीनू साहू |
| 109 | LK1032 | घपटे अंधियारी वो मैया चमके बिजुलिया वो-राजिम केंवट |
| 110 | LK1017 | नदिया के तीर तीर दुई जोड़ी बैला-कुबेर साहू |
| 111 | LK989 | बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे |
| 112 | LK959 | जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू |
| 113 | LK953 | ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे मोर पारथे गोहार |
| 114 | LK1105 | अंबे के भुवन कहां दुर्गा के भुवन कहां |
| 115 | LK1076 | तोला बंदत हंव दिन रात वो मोर दुर्गा मैया |
| 116 | LK1058 | चल उड़जा उड़जा सुवना माता मयारु के भुवना-शिव सेन |
| 117 | LK1052 | कब तैंहा आबे वो दाई हमरो घर पहुना बनके |
| 118 | LK1035 | तरजाही ओ चोला हा तोरे दरश ले हां -नोहर वर्मा |
| 119 | LK1025 | जमुना के तट मा चंदन एक बिरवा हो मां -जंतराम ध्रुव |
| 120 | LK1022 | तैं जनम धरे माता दुनिया ला तारे बर हां -भगवानी यादव |
| 121 | LK1009 | ये लगे हे स्वयंबर हां माता दुरपति के-द्वारिका प्रसाद वर्मा |
| 122 | LK995 | हियो हियो हंका पारे मोर बन कदली मा-पारंपरिक |
| 123 | LK983 | तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार |
| 124 | LK973 | हो मैया ताले सगुरिया ताले सगुरिया के निर्मल पानी -अनुसूईया साहू |
| 125 | LK1120 | ये मन रीझगे वो माता तोरे फुलवरिया मा हां-सुमित्रा ध्रुव |
| 126 | LK1109 | मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना रुमझुम चिरैया बोले |
| 127 | LK1095 | जग ला रचे हे पांचों पंडवा मोर दुर्गा मैया -अर्जुन यादव |
| 128 | LK1089 | कोन मेर राहय वो मैया मोंगरी मछुरिया वो-राजिम केंवट |
| 129 | LK1057 | मोर मनहर बंशी बाजगे भुवन में हां |
| 130 | LK1054 | ये नवदिन के कलशा जलाये हंव जगतारण वो -गुलाबा देवी खरे |
| 131 | LK1047 | मैया माता मोरे दुर्गा मैया मोरे-हस्तिका निषाद द्रोपती निषाद |
| 132 | LK1039 | गिरी पर्वत ले उतरे महामाई वो उतरे महामाई |
| 133 | LK1034 | तोरे चरण के मैं दास मैं आयेव अंबे-मोतीलाल जलतारे,गुंजा मानिकपुरी |
| 134 | LK1020 | माई के दरश बर हां तै महु ला अगोरबे -कुबेर साहू |
| 135 | LK998 | यहो जय दुर्गा जय शीतला भवानी जय जय शेरोवाली -पारंपरिक |
| 136 | LK996 | साजे सतवंतिन दाई रुचमुच शृंगारी वो-दुकालु यादव, सुरेन्द्र वर्मा |
| 137 | LK967 | जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां -पारंपरिक |
| 138 | LK1125 | गड़ा देगा भैया डोलवा झूला देगा भैया झूलना -पारंपरिक |
| 139 | LK1116 | मैया धीरे झुलव वो जलनी धीरे झुलव वो-लवकुमार |
| 140 | LK1113 | मैं गावंव मैया दुलरु जनम ला हां -पारंपरिक |
| 141 | LK1098 | तोर आरती उतारव हो जगतारण जग में -ममता देशमुख |
| 142 | LK1085 | जब नवदुर्गा के हां मैं चरण ला बंदव-कुबेर साहू |
| 143 | LK1082 | नदिया किनारे बने हे एक मंदिरवा-दीपक वर्मा |
| 144 | LK1062 | उड़ जाबे रे सुवना मैया के अंगना हां-कुबेर साहू |
| 145 | LK1059 | माता के अंगना मा दाई फुलवा के बगिया वो-धनेश्वर निषाद, गायत्री निषाद |
| 146 | LK1051 | मोर माया के दरबार कोयलिया कुहु कुहु बोले ना-सीमा कौशिक |
| 147 | LK1048 | मैं लायेव दुर्गा तोर बर मोंगरा के हार-रामनाथ वर्मा |
| 148 | LK1040 | चैत महिना में मैया रचे हे बिहावे वो-मीना यादव |
| 149 | LK1038 | देवी के भुवन मा बरथे जोत-मोतीलाल जलतारे, गुंजा मानिकपुरी |
| 150 | LK965 | ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई ला महामाई ला-कामता सेन |
| 151 | LK1136 | तेंहा कोरा मा खेलाले ओ दाई-पं मदन चौहान |
| 152 | LK1131 | सरस्वती तोला वो बंदव बारम बारे -कुबेर साहू |
| 153 | LK1117 | येहो मां दुर्गा काकर अंगना मा लीम डार हो मां-पारंपरिक |
| 154 | LK1106 | अनलेख ओ दाई दियना जलत हे अनलेख-चिन्तु राम सेन |
| 155 | LK1103 | जब फूलन के हरवा हां गल डालो मलनिया फूलन के हरवा हां-दीपक वर्मा |
| 156 | LK1102 | रुमझुम चिरैया बोले वो मैया तोर अंगना मा |
| 157 | LK1083 | मोर दुर्गा भवानी दर्शन करे ला आयेव तोर |
| 158 | LK1079 | ये कांपत हे दुनिया हो जब काली हा उमड़े-सदन यादव एवं संतोषी दिवान |
| 159 | LK1078 | गौरी बिहाये बर हो शिव भोला हर जावय-कुबेर साहू |
| 160 | LK1074 | मैं नई तो जानों देवी के अपार माया ओ-लीला बाई साहू |
| 161 | LK1072 | डबरा में जन्मे हो महिषासुर दानव-पारंपरिक |
| 162 | LK1071 | जब शीतलंग शीतलंग रटे बुढ़ी माई-गौतम टंडन |
| 163 | LK1056 | तोर ललना झुलावय आज वो दाई झूले झूलना-युवराज निषाद |
| 164 | LK1050 | हो ब्रह्म धरले कमंडल ब्रह्म धरले कमंडल माता सेवा में चले आये हो मां -दीपक साहू |
| 165 | LK1037 | छत्तीसगढ़ अंगना चंदन एक रुखवा हो मां -गंगाबाई मानिकपुरी |
| 166 | LK1036 | तोर जोत जंवारा रिगबिग रिगबिग मां-अनुसूईया साहू |
| 167 | LK1031 | माता के दुलरवा लंगुरे सेवा मा आहू ना |
| 168 | LK1026 | आबे नवरात मा दाई मोर अंगना मा वो-कार्तिक साहू |
| 169 | LK1019 | शीतला बिराजे वो मोर गांव मा बर नीम के छांव मां-कुबेर साहू |
| 170 | LK1016 | सबो देवता आये हे अपने भुवन ले वो सबो देवता आये हे-चैनू साहू |
| 171 | LK1011 | कलप कलप के हां दुरपति पुकारे कलप कलप के हां |
| 172 | LK1005 | तोर पांव के पैजन बाजे तोर नाक के नथनी हा डोलय-कामता प्रसाद शरण |
| 173 | LK991 | पंडा कराये रहो पूजा मैया जी की झूम झूम के |
| 174 | LK972 | तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा |
| 175 | LK963 | जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां -पारंपरिक |
| 176 | LK1138 | लंगुरे तो लंगुरे हो मैया हंका वो परत है-संपत लाल निषाद |
| 177 | LK1134 | माया के माया के भुवन पर नारद वीणा बजाएं -अश्वनी वर्मा |
| 178 | LK1133 | तोला डंडा शरण मनावव वो ठाकुर देव शीतलैया- जय सीयाराम यादव |
| 179 | LK1124 | एक बाजा बाजे वो मैया कोट नगर में |
| 180 | LK1122 | दाई तोर भुवन मा जंवारा बोवाये हे |
| 181 | LK1121 | ये मन के मंदिर मा हो तोर पूजा करंव दाई |
| 182 | LK1119 | ये महामाई चरण ला हां मैं बंदव माता -अश्वनी वर्मा |
| 183 | LK1118 | ये रिग बिग रिग बिग हां जग जोत जलत हे -पारंपरिक |
| 184 | LK1112 | सुमर सुमर के मैया तोरे जस गावंव वो-ओंकार वर्मा |
| 185 | LK1104 | दौड़त आयेव वो भवानी दौड़त आयेव वो-हस्तिका एवं द्रोपती निषाद |
| 186 | LK1087 | नदिया के तीर तीर मैया लगे हे केवड़िया- भुवन टंडन एवं गौतम टंडन |
| 187 | LK1077 | यहु पार यमुना वो दाई मोर वहु पार यमुना हो-गौतम टंडन |
| 188 | LK1070 | चरके भगाईगे हो मोर हरिण मृगवा-तिहारू यादव एवं कुसुम प्रजापति |
| 189 | LK1060 | बघवा मा होके वो सवार आबे दुर्गा दाई-कुबेर साहू |
| 190 | LK1014 | देवी के सिंगारे बर येहो मोर चलय मलनिया -पारंपरिक |
| 191 | LK1006 | बैठे सिंहासन देवी बुढ़ीमाई हो छत्तीसगढ़ के गौटनीन कहाये हो माया मोर-राजू सेन |
| 192 | LK1004 | हो मैया तोरे भुवन मा वो दाई तोरे मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 193 | LK1001 | शारदा माता सरस्वती भवानी ओ दुर्गा-रत्ना विश्वकर्मा |
| 194 | LK958 | हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई मन के मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 195 | LK952 | मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा |
| 196 | LK1135 | बर अघुवावय वो पीपर पछुवावय वो-गौतम टंडन |
| 197 | LK1129 | बघवा मा बैठे रणगरजे वो दुर्गा दुलौरिन दाई-पुरण साहू |
| 198 | LK1127 | हो मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना |
| 199 | LK1123 | हां काकर अंगना में मैया गढ़े हे हिंडोलना वो |
| 200 | LK1115 | मोर अंगना ला काबर छोड़े मोर दुर्गा दुलौरिन-दिनेश जांगड़े |
| 201 | LK1108 | जगमग जगमग हां जगजोत जंवारा -हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद |
| 202 | LK1096 | करे सेवुक तोर आरती दीया थारी ला सजाके -कुंजलाल साहू |
| 203 | LK1088 | ये लंगुरवा नाचे ओ ये लंगुरवा नाचे ना-राजिम केंवट |
| 204 | LK1064 | फुल बोले मलनिया बगिया में सोने सोने हार-ममता देशमुख |
| 205 | LK1055 | मोर गरीब घर आये देवी दुर्गा वो कैसे के करौं तोर मान हो मां-राजू वर्मा |
| 206 | LK1007 | जै जै दुर्गा हो नवदुर्गा हो माता -पूर्णिमा साहू,दीपक साहू |
| 207 | LK994 | बारमसी चिरैया होगे बिहनिया माता जी के करथे सिंगार-ढेला बाई सूर्यवंशी |
| 208 | LK1137 | पगु धारे हो माया रुमुक झुमुक ला हां |
| 209 | LK1130 | जब सुमर सुमर के हां तोला बंदव माता |
| 210 | LK1128 | मैं बंदत हंव दिन रात वो मोर शीतला मैया |
| 211 | LK1126 | माता के अंगना वो केवला के भुवना वो |
| 212 | LK1092 | हल जोतय ओ महादेव डोंगरी के तीर तीर हां-श्रीराम ठाकुर |
| 213 | LK1084 | कैसे चढ़ावंव आरुग फूलवा तोर चरण मा दाई |
| 214 | LK1081 | हो मैया तोरे चरण में हो दाई तोरे चरण में -भगवानी यादव |
| 215 | LK1075 | माता शीतला बंदव चरण कर जोरे हो मां |
| 216 | LK1063 | कैसे के जस तोरे गांवव वो बुढ़ी माई-भूषण फेकर |
| 217 | LK1132 | पहली मा सिरजे भाई मोर धरती अउ पिरथी ला |
| 218 | LK1114 | दहिया बेचन बर हां मोर चले ग्वालीन |
| 219 | LK1111 | काकर खांद पर सोनहा जनेव वो-हेमंत तेली |
| 220 | LK1110 | नवरंग चुनरी चढ़ाये ओ माता नवरंग चुनरी चढ़ाये-लीला बाई साहू |
| 221 | LK1107 | मैया निक लागे ओ तोर भुवन फुलवरिया-कुबेर साहू |
| 222 | LK1094 | सिंगार भवानी वो पांचों रंग सजले हां-हेमंत तेली |
| 223 | LK1093 | जय चंडी जय दुर्गा काली जय जय खप्परवाली-चामराय साहू |
| 224 | LK1091 | जब देवी दरश बर हो सब देवता हा आवय-कुबेर साहू |
| 225 | LK1090 | कउने रंग फुलवा अउ कउने रंग चुनरिया ओ-राजिम केंवट |
| 226 | LK1141 | माई बर फूल गजरा गुंथव वो देवी बर |
| 227 | LK1140 | अतना के बेरिया कौन देव ला सुमिरौ वो-जंतराम ध्रुव |
| 228 | LK1097 | झूलना झूलन बर हां मैया मोर जावय |
| 229 | LK1139 | जब बाना लेवन बर हो चले दुलरु दुलरवा -कुबेर साहू |