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पुराना सेवा जस - लिरिक्स सिंपल लिस्ट

229 लिरिक्स

1 LK915 फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे
2 LK923 सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स
3 LK916 कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा
4 LK894 तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन
5 LK921 मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो
6 LK917 देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया
7 LK914 कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर,
8 LK922 हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया
9 LK911 उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार
10 LK919 जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु
11 LK913 आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार)
12 LK928 सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा सेवा में ध्यान लगाये हो मां
13 LK920 सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी
14 LK924 डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा
15 LK912 कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर
16 LK859 तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई
17 LK925 फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में
18 LK1024 ये गरजत आये महामाई मोर नवागढ़ ले-श्रीराम ठाकुर
19 LK960 कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव
20 LK977 घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली
21 LK951 चले आबे वो मैया अंगना मा मोर चले आबे भवानी अंगना मा मोर
22 LK932 मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां
23 LK930 तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा
24 LK929 बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे
25 LK938 अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel
26 LK948 जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है (पारंपरिक)-हेमंत तेली
27 LK940 थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा
28 LK936 थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना लंगुरवा माई
29 LK935 मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन
30 LK939 हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े
31 LK1023 पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना
32 LK931 लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू
33 LK955 चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां -पारंपरिक
34 LK1008 सदा भवानी दाहिनी रहिबे माया मोर सनमुख गौरी गणेश हो मां
35 LK934 गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया -विसर्जन गीत
36 LK956 हे मैया माता सेवा मा चले आबे
37 LK937 धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद
38 LK941 मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन
39 LK946 आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-लालाराम साहू
40 LK944 जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन
41 LK933 दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू
42 LK978 जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां -पारंपरिक
43 LK968 चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां -पारंपरिक
44 LK943 भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू
45 LK1049 तोर नाक के नथनी चमके तोर माथ के टिकली चमके
46 LK997 बैठे हे सागर के वो पार घुंघरू बजावथे-लक्ष्मीन सिंगरौल
47 LK993 सब देवता हा काली तोरे तन ला सिंगारे हो मां -मनहरण साहू
48 LK984 मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा
49 LK957 माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना-पारंपरिक
50 LK992 भैरव रे बाबा जोगिया जोगिया के कुंदरा सुहावन नीक लागे-बलराम कामड़ी
51 LK1021 मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना सोन के चिरैया बोले
52 LK1003 रनबन रनबन हां तुम खेलव दुलरवा रनबन रनबन हां -गौतम टंडन
53 LK990 शारद मोर सती मां महिमा तोर हावय वो अपार-पारंपरिक
54 LK961 तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर
55 LK1099 हरियर मड़वा ला काबर टोरे मोर देव दुलरवा
56 LK1053 डम डम डमरू बजावै हो डम डम डमरू बजावै हो
57 LK1043 तरिहच नारी नाहना वो माय-दीपक साहू
58 LK988 काखर आना हो मैया काखर बाना हो -भुनेश्वर यादव
59 LK987 ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके -पारंपरिक
60 LK975 आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई
61 LK950 तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन
62 LK947 हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना (पारंपरिक)-रत्ना विश्वकर्मा
63 LK1042 आओ देवी दुर्गा हमरो दुवरिया हो -देवेन्द्र साहू,लेखराम साहू
64 LK1030 घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां -कुबेर साहू
65 LK971 तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा महामाई -कुबेर साहू
66 LK970 अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां -पारंपरिक
67 LK1065 कौन विधि बरनव वो तोर नाम ला दुर्गा
68 LK1045 कंकालीन मोरे माया हो दयालु मोरे माया
69 LK1044 कंकालीन किंजरे रनबन रनबन हाँ -दीपक वर्मा
70 LK1018 रिगबिग रिगबिग रिगबिग ज्योत जलत हे
71 LK1000 लहर के नाचय दुर्गा घुमर के नाचय दुर्गा -जसराज सिंहा
72 LK949 सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गायेन वो -पारंपरिक
73 LK1080 निर्मल निर्जल पानी सगुरिया के निर्मल निर्जल पानी हो मां -फेरू राम निषाद
74 LK1061 कोन कोन देवता आए भुवन मा कोन देवता नहीं आए-पप्पू यादव
75 LK1033 हो कारी ओ मड़ुलिया हां निर्मल के हो माता -नारायण सोनी
76 LK1029 माता के अंगना मा तुलसी के बिरवा वो
77 LK1027 ये बघवा मा आबे दाई बघवा मा आबे मैया -श्रीराम ठाकुर
78 LK1013 ये लंगुरे खोजन बर हो अब चलय महामाई -गुलाबा देवी खरे
79 LK982 भैया ठाकुर देव मोर बाला ठाकुर देव -गंगाराम साहू
80 LK980 जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता -पारंपरिक
81 LK966 तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू
82 LK1101 जब चंदा ला नेवतेव सुरुज ला नेवतेव नेवतेव आदि भवानी
83 LK1069 आमा पान के पतरी करेला पान के दोना वो
84 LK1015 निबुआ के धरम दुवार हो माया मोर -हरि वर्मा
85 LK986 हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां
86 LK981 हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो-दुकालु यादव,दिनेश साहू
87 LK974 आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर
88 LK964 जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा-रामजी सोनी
89 LK1068 मोहनी मुरतिया हे तोर मोर देवी दुर्गा
90 LK1046 नई जानेव सेवा ला तुम्हार ऐ मोर मैया
91 LK1041 कारी मा बिरबीट कारी माता कलकत्ता वाली
92 LK1028 पलना गड़े हे मजेदार झूलो ना मैया पालना
93 LK1012 जब अशोक बन में हो मोर सिया घबराये-कुबेर साहू
94 LK1010 नवदुर्गा जावय गंगा नहाये बर हां -पारंपरिक
95 LK1002 झूला झुलौनी चलो खेलबोन हो माया मोर-देवकुंवर बंजारे
96 LK999 माटी के पुतरी अंबा नवदिन बर आये हो-विनोद देवांगन
97 LK985 हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा आदि भवानी -नारायण सोनी
98 LK979 झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू
99 LK976 जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला-पारंपरिक
100 LK969 लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव
101 LK962 तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी
102 LK954 आरती मां के सजाये ओ मोर भैया लंगुरे -पारंपरिक
103 LK945 पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव
104 LK942 मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण
105 LK1100 पतली कमर मोर माता दुर्गा के कनिहा ले हावय लंबे बाल-रीनू सोनकर
106 LK1086 मैं बालक बरुवा वो दाई तोर सेवा में आयेव मां -भूषण फेकर
107 LK1073 अबड़ सुघर लागे वो मैया तोर सेवा हर
108 LK1066 रुमझुम रुमझुम चिरैया बोले माया मोर-दीनू साहू
109 LK1032 घपटे अंधियारी वो मैया चमके बिजुलिया वो-राजिम केंवट
110 LK1017 नदिया के तीर तीर दुई जोड़ी बैला-कुबेर साहू
111 LK989 बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे
112 LK959 जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू
113 LK953 ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे मोर पारथे गोहार
114 LK1105 अंबे के भुवन कहां दुर्गा के भुवन कहां
115 LK1076 तोला बंदत हंव दिन रात वो मोर दुर्गा मैया
116 LK1058 चल उड़जा उड़जा सुवना माता मयारु के भुवना-शिव सेन
117 LK1052 कब तैंहा आबे वो दाई हमरो घर पहुना बनके
118 LK1035 तरजाही ओ चोला हा तोरे दरश ले हां -नोहर वर्मा
119 LK1025 जमुना के तट मा चंदन एक बिरवा हो मां -जंतराम ध्रुव
120 LK1022 तैं जनम धरे माता दुनिया ला तारे बर हां -भगवानी यादव
121 LK1009 ये लगे हे स्वयंबर हां माता दुरपति के-द्वारिका प्रसाद वर्मा
122 LK995 हियो हियो हंका पारे मोर बन कदली मा-पारंपरिक
123 LK983 तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार
124 LK973 हो मैया ताले सगुरिया ताले सगुरिया के निर्मल पानी -अनुसूईया साहू
125 LK1120 ये मन रीझगे वो माता तोरे फुलवरिया मा हां-सुमित्रा ध्रुव
126 LK1109 मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना रुमझुम चिरैया बोले
127 LK1095 जग ला रचे हे पांचों पंडवा मोर दुर्गा मैया -अर्जुन यादव
128 LK1089 कोन मेर राहय वो मैया मोंगरी मछुरिया वो-राजिम केंवट
129 LK1057 मोर मनहर बंशी बाजगे भुवन में हां
130 LK1054 ये नवदिन के कलशा जलाये हंव जगतारण वो -गुलाबा देवी खरे
131 LK1047 मैया माता मोरे दुर्गा मैया मोरे-हस्तिका निषाद द्रोपती निषाद
132 LK1039 गिरी पर्वत ले उतरे महामाई वो उतरे महामाई
133 LK1034 तोरे चरण के मैं दास मैं आयेव अंबे-मोतीलाल जलतारे,गुंजा मानिकपुरी
134 LK1020 माई के दरश बर हां तै महु ला अगोरबे -कुबेर साहू
135 LK998 यहो जय दुर्गा जय शीतला भवानी जय जय शेरोवाली -पारंपरिक
136 LK996 साजे सतवंतिन दाई रुचमुच शृंगारी वो-दुकालु यादव, सुरेन्द्र वर्मा
137 LK967 जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां -पारंपरिक
138 LK1125 गड़ा देगा भैया डोलवा झूला देगा भैया झूलना -पारंपरिक
139 LK1116 मैया धीरे झुलव वो जलनी धीरे झुलव वो-लवकुमार
140 LK1113 मैं गावंव मैया दुलरु जनम ला हां -पारंपरिक
141 LK1098 तोर आरती उतारव हो जगतारण जग में -ममता देशमुख
142 LK1085 जब नवदुर्गा के हां मैं चरण ला बंदव-कुबेर साहू
143 LK1082 नदिया किनारे बने हे एक मंदिरवा-दीपक वर्मा
144 LK1062 उड़ जाबे रे सुवना मैया के अंगना हां-कुबेर साहू
145 LK1059 माता के अंगना मा दाई फुलवा के बगिया वो-धनेश्वर निषाद, गायत्री निषाद
146 LK1051 मोर माया के दरबार कोयलिया कुहु कुहु बोले ना-सीमा कौशिक
147 LK1048 मैं लायेव दुर्गा तोर बर मोंगरा के हार-रामनाथ वर्मा
148 LK1040 चैत महिना में मैया रचे हे बिहावे वो-मीना यादव
149 LK1038 देवी के भुवन मा बरथे जोत-मोतीलाल जलतारे, गुंजा मानिकपुरी
150 LK965 ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई ला महामाई ला-कामता सेन
151 LK1136 तेंहा कोरा मा खेलाले ओ दाई-पं मदन चौहान
152 LK1131 सरस्वती तोला वो बंदव बारम बारे -कुबेर साहू
153 LK1117 येहो मां दुर्गा काकर अंगना मा लीम डार हो मां-पारंपरिक
154 LK1106 अनलेख ओ दाई दियना जलत हे अनलेख-चिन्तु राम सेन
155 LK1103 जब फूलन के हरवा हां गल डालो मलनिया फूलन के हरवा हां-दीपक वर्मा
156 LK1102 रुमझुम चिरैया बोले वो मैया तोर अंगना मा
157 LK1083 मोर दुर्गा भवानी दर्शन करे ला आयेव तोर
158 LK1079 ये कांपत हे दुनिया हो जब काली हा उमड़े-सदन यादव एवं संतोषी दिवान
159 LK1078 गौरी बिहाये बर हो शिव भोला हर जावय-कुबेर साहू
160 LK1074 मैं नई तो जानों देवी के अपार माया ओ-लीला बाई साहू
161 LK1072 डबरा में जन्मे हो महिषासुर दानव-पारंपरिक
162 LK1071 जब शीतलंग शीतलंग रटे बुढ़ी माई-गौतम टंडन
163 LK1056 तोर ललना झुलावय आज वो दाई झूले झूलना-युवराज निषाद
164 LK1050 हो ब्रह्म धरले कमंडल ब्रह्म धरले कमंडल माता सेवा में चले आये हो मां -दीपक साहू
165 LK1037 छत्तीसगढ़ अंगना चंदन एक रुखवा हो मां -गंगाबाई मानिकपुरी
166 LK1036 तोर जोत जंवारा रिगबिग रिगबिग मां-अनुसूईया साहू
167 LK1031 माता के दुलरवा लंगुरे सेवा मा आहू ना
168 LK1026 आबे नवरात मा दाई मोर अंगना मा वो-कार्तिक साहू
169 LK1019 शीतला बिराजे वो मोर गांव मा बर नीम के छांव मां-कुबेर साहू
170 LK1016 सबो देवता आये हे अपने भुवन ले वो सबो देवता आये हे-चैनू साहू
171 LK1011 कलप कलप के हां दुरपति पुकारे कलप कलप के हां
172 LK1005 तोर पांव के पैजन बाजे तोर नाक के नथनी हा डोलय-कामता प्रसाद शरण
173 LK991 पंडा कराये रहो पूजा मैया जी की झूम झूम के
174 LK972 तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा
175 LK963 जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां -पारंपरिक
176 LK1138 लंगुरे तो लंगुरे हो मैया हंका वो परत है-संपत लाल निषाद
177 LK1134 माया के माया के भुवन पर नारद वीणा बजाएं -अश्वनी वर्मा
178 LK1133 तोला डंडा शरण मनावव वो ठाकुर देव शीतलैया- जय सीयाराम यादव
179 LK1124 एक बाजा बाजे वो मैया कोट नगर में
180 LK1122 दाई तोर भुवन मा जंवारा बोवाये हे
181 LK1121 ये मन के मंदिर मा हो तोर पूजा करंव दाई
182 LK1119 ये महामाई चरण ला हां मैं बंदव माता -अश्वनी वर्मा
183 LK1118 ये रिग बिग रिग बिग हां जग जोत जलत हे -पारंपरिक
184 LK1112 सुमर सुमर के मैया तोरे जस गावंव वो-ओंकार वर्मा
185 LK1104 दौड़त आयेव वो भवानी दौड़त आयेव वो-हस्तिका एवं द्रोपती निषाद
186 LK1087 नदिया के तीर तीर मैया लगे हे केवड़िया- भुवन टंडन एवं गौतम टंडन
187 LK1077 यहु पार यमुना वो दाई मोर वहु पार यमुना हो-गौतम टंडन
188 LK1070 चरके भगाईगे हो मोर हरिण मृगवा-तिहारू यादव एवं कुसुम प्रजापति
189 LK1060 बघवा मा होके वो सवार आबे दुर्गा दाई-कुबेर साहू
190 LK1014 देवी के सिंगारे बर येहो मोर चलय मलनिया -पारंपरिक
191 LK1006 बैठे सिंहासन देवी बुढ़ीमाई हो छत्तीसगढ़ के गौटनीन कहाये हो माया मोर-राजू सेन
192 LK1004 हो मैया तोरे भुवन मा वो दाई तोरे मंदिर मा-भूषण फेकर
193 LK1001 शारदा माता सरस्वती भवानी ओ दुर्गा-रत्ना विश्वकर्मा
194 LK958 हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई मन के मंदिर मा-भूषण फेकर
195 LK952 मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा
196 LK1135 बर अघुवावय वो पीपर पछुवावय वो-गौतम टंडन
197 LK1129 बघवा मा बैठे रणगरजे वो दुर्गा दुलौरिन दाई-पुरण साहू
198 LK1127 हो मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना
199 LK1123 हां काकर अंगना में मैया गढ़े हे हिंडोलना वो
200 LK1115 मोर अंगना ला काबर छोड़े मोर दुर्गा दुलौरिन-दिनेश जांगड़े
201 LK1108 जगमग जगमग हां जगजोत जंवारा -हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद
202 LK1096 करे सेवुक तोर आरती दीया थारी ला सजाके -कुंजलाल साहू
203 LK1088 ये लंगुरवा नाचे ओ ये लंगुरवा नाचे ना-राजिम केंवट
204 LK1064 फुल बोले मलनिया बगिया में सोने सोने हार-ममता देशमुख
205 LK1055 मोर गरीब घर आये देवी दुर्गा वो कैसे के करौं तोर मान हो मां-राजू वर्मा
206 LK1007 जै जै दुर्गा हो नवदुर्गा हो माता -पूर्णिमा साहू,दीपक साहू
207 LK994 बारमसी चिरैया होगे बिहनिया माता जी के करथे सिंगार-ढेला बाई सूर्यवंशी
208 LK1137 पगु धारे हो माया रुमुक झुमुक ला हां
209 LK1130 जब सुमर सुमर के हां तोला बंदव माता
210 LK1128 मैं बंदत हंव दिन रात वो मोर शीतला मैया
211 LK1126 माता के अंगना वो केवला के भुवना वो
212 LK1092 हल जोतय ओ महादेव डोंगरी के तीर तीर हां-श्रीराम ठाकुर
213 LK1084 कैसे चढ़ावंव आरुग फूलवा तोर चरण मा दाई
214 LK1081 हो मैया तोरे चरण में हो दाई तोरे चरण में -भगवानी यादव
215 LK1075 माता शीतला बंदव चरण कर जोरे हो मां
216 LK1063 कैसे के जस तोरे गांवव वो बुढ़ी माई-भूषण फेकर
217 LK1132 पहली मा सिरजे भाई मोर धरती अउ पिरथी ला
218 LK1114 दहिया बेचन बर हां मोर चले ग्वालीन
219 LK1111 काकर खांद पर सोनहा जनेव वो-हेमंत तेली
220 LK1110 नवरंग चुनरी चढ़ाये ओ माता नवरंग चुनरी चढ़ाये-लीला बाई साहू
221 LK1107 मैया निक लागे ओ तोर भुवन फुलवरिया-कुबेर साहू
222 LK1094 सिंगार भवानी वो पांचों रंग सजले हां-हेमंत तेली
223 LK1093 जय चंडी जय दुर्गा काली जय जय खप्परवाली-चामराय साहू
224 LK1091 जब देवी दरश बर हो सब देवता हा आवय-कुबेर साहू
225 LK1090 कउने रंग फुलवा अउ कउने रंग चुनरिया ओ-राजिम केंवट
226 LK1141 माई बर फूल गजरा गुंथव वो देवी बर
227 LK1140 अतना के बेरिया कौन देव ला सुमिरौ वो-जंतराम ध्रुव
228 LK1097 झूलना झूलन बर हां मैया मोर जावय
229 LK1139 जब बाना लेवन बर हो चले दुलरु दुलरवा -कुबेर साहू

अन्य केटेगरी

1 CG रामायण
2 CG सोहर गीत
3 CG होली गीत
4 गौरी गौरा गीत
5 जवारा विसर्जन
6 जस गीत
7 पंथी गीत
8 पारंपरिक जसगीत
9 पुराना सेवा जस
10 बिहाव गीत
11 भजन सरोवर
12 लोक गीत
13 सुवा गीत