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566 लिरिक्स
| 1 | LK378 | कहा तो माता तोर अनमन जनमन |
| 2 | LK401 | चंदन झूलना मां झूलना झूले मोर मईया |
| 3 | LK702 | महाराज कुमार महाराज कुमार सेवा कठिन दुरगा के |
| 4 | LK297 | आरती उतारव हो दियना थारी ला धर के |
| 5 | LK322 | घर घर दिया हो माता |
| 6 | LK261 | जुग बन्दव माता काली चरन जुग हो |
| 7 | LK384 | मोर पथरा के देवता, सुनत नईए वो |
| 8 | LK271 | मोर गांव के शीतला दाई तोला बन्दव ओ |
| 9 | LK346 | मैया ला नींद आवय वो |
| 10 | LK262 | नव दिन बर आये ओ पहुना बरोबर दाई |
| 11 | LK342 | मन मोर लंगुरवा वो दाई |
| 12 | LK333 | मोला बेटा कहिके बुलाले |
| 13 | LK340 | नेवता नेवत के हो जग रचेव महामाई |
| 14 | LK311 | जप हर हर हर हर भोला गुरू महादेव |
| 15 | LK304 | सुवा नाचे सातो बहिनिया |
| 16 | LK288 | हो मईया फूल गजरा |
| 17 | LK363 | इतना के बेरिया कउन देव ला सुमिरव वो |
| 18 | LK344 | मोर भोले बाबा बईला मा चढ़के |
| 19 | LK380 | माहांगा ले ले आरती हो माय |
| 20 | LK778 | जब दौड़े कालिका रक्त पियन बर हां |
| 21 | LK775 | सोला सिंगार करके, लाली चुनरिया ओढ़े |
| 22 | LK295 | थैया थैया नाचे मोर अंगना |
| 23 | LK309 | तोर घर के अंगना मा दाई |
| 24 | LK290 | ढोल बाजे रे, नंगारा बाजे न |
| 25 | LK265 | सगे बेटी होगे सगा पहुना |
| 26 | LK332 | आरूग हे कलशा दाई |
| 27 | LK291 | भोला संग लड़े बर भीड़ गे |
| 28 | LK260 | श्री भगवती चरण ला मनावव वो |
| 29 | LK324 | तोला मोला सब ला जाना हे |
| 30 | LK371 | जोरव जोरव जोरव जोरन हो |
| 31 | LK343 | यहो कब होही तोर दर्शन मैया |
| 32 | LK272 | तोला दुर्गा कहव की माँ काली |
| 33 | LK354 | बईठे हावस तरिया के पार |
| 34 | LK372 | महामाया पांचो रंग करे हे सिंगारे हो माँ |
| 35 | LK464 | चलो दरस बर जाबो जाबो डांगरगढ़ बमलाई के |
| 36 | LK339 | सुन ले मोर गोहार महामाई |
| 37 | LK303 | बजरंगबली बजरंगबली गली गली म नाम हे |
| 38 | LK374 | डोरी सांस के बंधे बम भोला ले |
| 39 | LK305 | चहके चिरैया बोले वो |
| 40 | LK357 | तोला घेरी बेरी परनाम वो |
| 41 | LK360 | हे कोरी कोरी नरियर चढ़े |
| 42 | LK289 | निंबुआ के धरम के दुआर हो माया |
| 43 | LK592 | जोत जंवारा होथे माता विसर्जन तोर |
| 44 | LK269 | नाचथे लंगुरवा झूम झूम के दाई के भुवन मा |
| 45 | LK347 | कोनो नरियर मांगत हे कोनो बाना मांगत हे |
| 46 | LK285 | चल ना गा जाबो बरतिया भोला के बरतिया |
| 47 | LK383 | फुलवा के डोरी |
| 48 | LK377 | अजब सजे हे महामाया रतनपुर में |
| 49 | LK283 | झुमरी तलैया के पारे |
| 50 | LK356 | तरसे नैना मोर कब होही दर्शन तोर |
| 51 | LK298 | नव दुर्गा तैं हर कहाये ओ मैया |
| 52 | LK293 | कउने तोरे अंगना बटोरे बूढी माई वो |
| 53 | LK364 | गउवा चराए प्रतिपाला |
| 54 | LK355 | ए दुलौरिन दाई ओ जिनगी हावय दिन चार |
| 55 | LK331 | हे चईत के महिना दाई आबे मंझनी |
| 56 | LK365 | पथरा के संगी भगवान हे |
| 57 | LK388 | तोला बंदव दाई |
| 58 | LK276 | सावन म शिव जी ला मनाबो |
| 59 | LK286 | ओ मईया झुप झुप महुला नचाई दे |
| 60 | LK301 | ए दे चले महामाई - गंगा अस्नान्दे |
| 61 | LK772 | दाई दुर्गा दाई वो तोर चरण मा पड़े हव |
| 62 | LK268 | शीतल कर शीतला दाई |
| 63 | LK336 | धमतरी के बिलई माई |
| 64 | LK329 | नीम छंईहा मा बिराजे दाई मोर |
| 65 | LK386 | तोरे आरती हो मईया |
| 66 | LK915 | फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे |
| 67 | LK373 | जगतारण देवी वो.... तोर महिमा बरनी न जाए |
| 68 | LK284 | गाड़ा गाड़ा हे जोहर भोले बाबा |
| 69 | LK326 | आमा पान के पतरी |
| 70 | LK366 | लंगुरे नई मानत हावय वो |
| 71 | LK385 | टोनही झुपथे आधा रात के |
| 72 | LK889 | हो अवघडिया बाबा भोला तै कहाए |
| 73 | LK338 | गजरा लगाये मैया |
| 74 | LK335 | झन जा तै बेटा कौरु नगर के गांव |
| 75 | LK370 | मैया जी लाने परघाय |
| 76 | LK327 | मोला संग देबे दाई आवत जावत ले हा |
| 77 | LK618 | कंकालिन मोरे मया हो चंडालिन मोरे माया |
| 78 | LK473 | ये चंदवा बैगा जांजगीर के चंदवा बैगा गा |
| 79 | LK275 | कऊहा के देवता मोर लऊहा लऊहा करे दाई |
| 80 | LK361 | नान्हे नान्हे डोंगरी पहाड़ी |
| 81 | LK287 | सदा भवानी दाहिन रईहो माया मोर |
| 82 | LK345 | हे रइया ओ रतनपुर के महामायी |
| 83 | LK368 | चाहे रिसाए ये जग सगरो दाई तैं झन रिसाबे |
| 84 | LK390 | तोला झूलना झूलावव दाई |
| 85 | LK382 | ए हो मोहनी मुरतिया हे तोर |
| 86 | LK267 | निर्मल पानी भवानी मा ताले सगुरिया के हो |
| 87 | LK405 | अंधरी अंधरा दाई ददा ला तीरथ घूमा दिये रे |
| 88 | LK321 | कईसे रचे हस वो तै हा जग संसार |
| 89 | LK292 | देवी नमस्ते हो मईया देवी नमस्ते |
| 90 | LK310 | परेतिन दाई बोईर के |
| 91 | LK349 | मै तो मैया जी के करथव श्रृंगार हो मा |
| 92 | LK270 | मया पिरित के डोरी मा दाई |
| 93 | LK797 | मोर शीतला भवानी वो दुलरू के रचे वो बिहाव |
| 94 | LK264 | हो मोरे केवल माँ राहो जगत के |
| 95 | LK923 | सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स |
| 96 | LK281 | झिल मिल वो बारे हओ दिया |
| 97 | LK367 | अब पहिरो माता लाली लुगरिया |
| 98 | LK381 | तोर बगिया के ओ मोला बना ले दाई माली |
| 99 | LK698 | जनम देवैया कुंती मैया, कैइसन करम कमाय |
| 100 | LK300 | नव दिन नव रात जागव वो |
| 101 | LK916 | कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा |
| 102 | LK387 | मोर अलख निरंजन डमरू बजावत |
| 103 | LK317 | माटी मा रूप धर के दाई नव दुर्गा आगे |
| 104 | LK872 | ए हो महामाई कैसे के गुन तोर गांव |
| 105 | LK348 | बारामास भवानी रुच मुच कसे हो सिंगार |
| 106 | LK734 | मुड़ मा बिराजे हावै महामाई ना |
| 107 | LK804 | अंगार मोती मोरे दाई ओ |
| 108 | LK278 | यहो जग पर कलशा |
| 109 | LK808 | दीयना बरत होगे जगमग जगमग |
| 110 | LK299 | जय जय हो शीतला भवानी |
| 111 | LK359 | मैया झुलत हावय झुलना |
| 112 | LK358 | आगे मईया के नवरात |
| 113 | LK315 | कोरी कोरी नरियर चघावौ दाई तोला ओ |
| 114 | LK894 | तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन |
| 115 | LK308 | तोर जस ला गाहूं ओ दाई |
| 116 | LK330 | दाई तोर आंखी ले बरसे पानी |
| 117 | LK313 | झुले नजरे नजर मे दाई |
| 118 | LK921 | मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो |
| 119 | LK604 | कहा जाबे रे बैरी आज तोर काल खड़े हे |
| 120 | LK494 | दाई तोला खोजत हौ मै ऐ पारा ओ पारा |
| 121 | LK743 | नव कलशा साजे हौं नवरात मा |
| 122 | LK893 | चले आबे भवानी भुवन मा वो |
| 123 | LK605 | कईसे छुटाहूं दाई वो दु बून्द लहू के तोर लागा ला |
| 124 | LK729 | मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई |
| 125 | LK407 | अपने हाथ मुड़ ला काटे तभे जस छाये |
| 126 | LK273 | छोटे छोटे तोर लईका वो दाई |
| 127 | LK802 | तोरे आरती में मैया पांचो पंडवा आवै हो |
| 128 | LK609 | काखर जंवारा मईया गली ले निकल गे |
| 129 | LK314 | आरूग आरूग कहिथस माता |
| 130 | LK917 | देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया |
| 131 | LK318 | मना के लाबो जी चला लाला लंगुरवा ला |
| 132 | LK704 | मईया जी लाने परघाय मोर माता |
| 133 | LK280 | तीजा बरोबर आऐ ओ दाई |
| 134 | LK351 | चल ना जोत जलाबो |
| 135 | LK418 | बईला म चघ के चले हे महादेव |
| 136 | LK918 | शंकर भोला भंडारी गर पहिरे डोमी कारी |
| 137 | LK566 | जगमग जगमग दीया बरत हे अंबा के आरती होवै |
| 138 | LK914 | कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर, |
| 139 | LK922 | हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया |
| 140 | LK555 | हे मईया शारदे मया अऊ दुलार दे |
| 141 | LK799 | शारद मोर सती माँ पईया ला लागव मै तोर |
| 142 | LK391 | आजा आजा बघवा सवारी कर के आजा |
| 143 | LK558 | हो मईया छत्तीसगढ़हीन सुमर सुमर गुन गावौ हो माँ |
| 144 | LK325 | दीयना बरथे हिंगुलाज |
| 145 | LK328 | धन धन हे विधाता तोर गढ़ना |
| 146 | LK521 | सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी |
| 147 | LK619 | धीरे धीरे चल वो भवानी देखें गंगा महारानी |
| 148 | LK784 | जावत हावस छोड़ के बड सुरता आबे वो |
| 149 | LK768 | रंग झाझर मच के रण मा गा दुर्गा उमियागे |
| 150 | LK911 | उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार |
| 151 | LK793 | तुम झुलव महामाई निमुआ के डारा मा हा |
| 152 | LK727 | मोरे महामाया के मंदिर म चिरईया बोलै |
| 153 | LK320 | अमली के मटिया बोइर के परेतीन |
| 154 | LK861 | तोर भुवन में हरियर हरियर बोये जंवारा वो |
| 155 | LK887 | ये तन के पिंजरा ले सुवना फूर ले उड़ जाही गा |
| 156 | LK688 | माता वो पाताल भैरवी |
| 157 | LK801 | शीतलंग शीतलंग मईया खोजे बूढ़ी माई |
| 158 | LK919 | जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु |
| 159 | LK913 | आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार) |
| 160 | LK495 | डंका तोर जग मा बाजे वीर भगत राज हनुमाने |
| 161 | LK577 | ऐ जंवारा निकलगे |
| 162 | LK277 | मोर पांव मा परगे छाला |
| 163 | LK607 | जावत हे सब ला रोवाके |
| 164 | LK928 | सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा सेवा में ध्यान लगाये हो मां -पेखनलाल साहू |
| 165 | LK610 | कलसा उपर दीयना दीयना उपर बाती |
| 166 | LK674 | ऐ मईया शीतला मांगत हौ दाई देदे भीख ला |
| 167 | LK353 | हो मैया जय हो दुर्गेश्वरी |
| 168 | LK787 | कौरुनगर के हो, अटपट हावे विदिया |
| 169 | LK857 | तोर घर के अंगना म दाई जवा बोए हंव माता |
| 170 | LK319 | तोर चरण म करमा माता |
| 171 | LK868 | तुंही ला सुमिरौ हो ऐ जगत के ओ जननी |
| 172 | LK920 | सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी |
| 173 | LK574 | लहरावत हे जंवारा हो मांँ |
| 174 | LK279 | शबरी के जईसे हावै दाई तोर मया वो |
| 175 | LK924 | डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा |
| 176 | LK731 | दाई मोर पथरा के भगवान |
| 177 | LK714 | मोला बेटा कहिके बुलाले ओ महामायी |
| 178 | LK550 | गंगा नहाऐ बर चले हो दुर्गा मईया |
| 179 | LK400 | अहो लंगुरवा मोर बर पालकी सजा दे गा |
| 180 | LK621 | कंकालीन मोरे माया हो चले हो रण में |
| 181 | LK587 | झूलना म झूलत हावै जम्मो इक्कीस बहिनिया |
| 182 | LK650 | लाली लाल चुनरी में सोन धरी लुगरा |
| 183 | LK562 | मन मोहि डरे वो दुर्गा दाई होवत हे तोर बिदाई |
| 184 | LK912 | कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर |
| 185 | LK673 | मैया मै तोर हौ दीवाना |
| 186 | LK352 | तोर चरण पखारी लेतेव दाई |
| 187 | LK723 | मोर दाई नव दुर्गा माटी म तोला सिरजांव |
| 188 | LK859 | तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई |
| 189 | LK672 | मैया जी के बगिया मा रंग रंग फूलवा |
| 190 | LK647 | लहराये जंवारा दाई तोर भुंवन मा |
| 191 | LK662 | तुम खेलव दुलरवा रनबन रन बन हो |
| 192 | LK425 | कातिक महिना धरम कर माया मोर |
| 193 | LK796 | तुहिला मै जानेव दाई, मोर पथरा के भगवान |
| 194 | LK684 | मरघहीन काली ओ |
| 195 | LK748 | निंबुआ के धरम दुवारे हो माया |
| 196 | LK341 | तोर दया ला पाके बईगा भुत भगाए |
| 197 | LK654 | लंगुरे नई मानत हावै ओ |
| 198 | LK837 | बईठे हवय बमलाई डोंगरगढ़ मा |
| 199 | LK635 | कउने तोर सगुन बिचारे देवी दुर्गा |
| 200 | LK624 | करे भगत हो आरती माई दोई बिरियां |
| 201 | LK612 | काली कंकालिन वो परत हौ तोरे पईया |
| 202 | LK369 | तोर दया होतिस त दाई |
| 203 | LK781 | ससुरे ले आये लेनहार चले वो दाई |
| 204 | LK266 | काहे के दीयना दाई काहे के बाती वो |
| 205 | LK567 | जगमग ज्योत जले हो मैया जगमग ज्योत जले |
| 206 | LK376 | झुपत रहिबे ओ दाई |
| 207 | LK817 | कोरा म शिव ल खेलाये मरघटहीन काली |
| 208 | LK800 | शारद मोर सती माय पईया लगत हौ मै हा तोर |
| 209 | LK657 | लिमवा के पाना कुंवर |
| 210 | LK692 | माटी के दाई दुर्गा गढ़ गढ़ तोला बनाव |
| 211 | LK296 | तोर चरण म करमा माता दिन रात नवावौ माथा |
| 212 | LK925 | फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में |
| 213 | LK652 | आबे आबे हमर गांव मा मईया नवरात्रि मा जरूर |
| 214 | LK350 | मोला बता दे माई मोर का कसुर हे |
| 215 | LK794 | ढोल बाजे रे, नंगारा बाजे न |
| 216 | LK730 | तुहीं ला मैं समझेव दाई मोर पथरा के भगवान |
| 217 | LK876 | उमे हे जोगनिया हो मोर भैरव लाल के |
| 218 | LK856 | तोर गठरी ला बांध ले दाई अब हो गे जाऐ के बेरा |
| 219 | LK573 | बमलेश्वरी दरबार में डोंगरगढ़ जाबो |
| 220 | LK1024 | ये गरजत आये महामाई मोर नवागढ़ ले-श्रीराम ठाकुर |
| 221 | LK718 | मोर बेटा दुलरवा झन जाबे रे |
| 222 | LK563 | इहि जीव आथे इहि जीव जाथे |
| 223 | LK504 | दीया बर गे हो रइया रतनपुर मा रइया रतनपुर मा या |
| 224 | LK323 | चलव दुलरवा करसा परघाबो |
| 225 | LK806 | झूलना मा बईठे मोर माता |
| 226 | LK491 | धरम के धजा फहराये बर कैना रूप मा - जस |
| 227 | LK337 | नव दिन नव रात जागव वो |
| 228 | LK274 | शिव जटा ले गंगा बोहाके झलमला में आगे ना |
| 229 | LK423 | ये लिमवा के डारा घनघोर हो माया मोर |
| 230 | LK375 | हे दुर्गा दाई तोर महिमा हे महान |
| 231 | LK759 | तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो |
| 232 | LK403 | अईसे जगजननी हो मईया अईसे जगजननी |
| 233 | LK570 | जइसे गंगा के पानी अटाये नही ओ |
| 234 | LK841 | तीनो जुग मा तै हा आये ओ |
| 235 | LK749 | निकले हे भुवन ले जोत जंवारा माता रानी के |
| 236 | LK737 | नैना ले आंसू झर झर जाये माई |
| 237 | LK715 | मोला ढेलवा झूले के बड़ा साध |
| 238 | LK977 | घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली |
| 239 | LK930 | तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा |
| 240 | LK863 | तोर माथ के बिंदिया दाई चमकत रथे |
| 241 | LK858 | तोर कईसे बिदाई मैं करौं दुर्गा दाई |
| 242 | LK513 | ये दुर्गा दाई के भूवन मा खेलत हे दुलरवा रनबन रनबन |
| 243 | LK334 | चिलम तिरईया आगे ना |
| 244 | LK960 | कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव |
| 245 | LK936 | थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना-दशरीबाई ध्रुव |
| 246 | LK929 | बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे |
| 247 | LK927 | हुमन होवय दुर्गा, माता तोर अंगना हुमन होवय वो |
| 248 | LK263 | जोत जंवारा होथे माता विसर्जन तोर |
| 249 | LK951 | चले आबे वो मैया अंगना मा मोर चले आबे भवानी अंगना मा मोर |
| 250 | LK948 | जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है (पारंपरिक)-हेमंत तेली |
| 251 | LK940 | थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा |
| 252 | LK763 | रण चंडी बने ओ मोर देवी दुरपती |
| 253 | LK499 | ऐे देवता झूमर झूमर के नाचे हो - माते सिरी के दरबार मा |
| 254 | LK932 | मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां -पेखनलाल साहू |
| 255 | LK935 | मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन |
| 256 | LK634 | कौने तोरे अंगना बटोरे बूढ़ी माई ओ |
| 257 | LK938 | अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel |
| 258 | LK751 | पग पग आरती उतारव मोरे मां |
| 259 | LK515 | महामाई ले जोत निकले एक नही कई कोत निकले वो |
| 260 | LK939 | हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े |
| 261 | LK1023 | पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना |
| 262 | LK569 | कलकल कलकल कलकल करे माता काली |
| 263 | LK436 | हे मैया तोर कारण भोला के चेत हरागे |
| 264 | LK1008 | सदा भवानी दाहिनी रहिबे माया मोर सनमुख गौरी गणेश हो मां |
| 265 | LK603 | काबर रिसागे वो दाई |
| 266 | LK599 | का पाये तैं हा भोला गा भोला मया ला बाट के |
| 267 | LK379 | दाई तोर पईया लागव |
| 268 | LK409 | मैं का चढ़ावौ दाई तोला वो अर्पण हे मोर जिनगानी |
| 269 | LK1161 | कुमवी ले उपजे मैया बंकासुर दानव हो -महेन्द्र निषाद |
| 270 | LK955 | चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां -पारंपरिक |
| 271 | LK931 | लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू |
| 272 | LK728 | मोर माटी के दाई दुर्गा मैं निक निक तोला बनावव |
| 273 | LK934 | गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया -पेखनलाल साहू |
| 274 | LK670 | मैं बांधव माता भूत परेत ला हां |
| 275 | LK316 | चलो दरस बर जाबो जाबो डांगरगढ़ बमलाई के |
| 276 | LK926 | तोर झूल झूल आरती उतारव वो हे दुर्गा महारानी |
| 277 | LK803 | झील मिल वो झील मिल वो |
| 278 | LK527 | गौरी हा चढ़गे वो गौरा हा चढ़गे गौरा हा चढ़गे चढ़गे डड़ैया निक लागे |
| 279 | LK622 | हो मन मोही डारे ओ दाई मोहनी मूरतिया हा तोर |
| 280 | LK586 | हो मैया झूलना झूले बर |
| 281 | LK956 | हे मैया माता सेवा मा चले आबे |
| 282 | LK807 | डोंगरगढ़हीन दाई बमलाई |
| 283 | LK666 | महामायी मोरे झूले झूलना बुढ़ीमायी मोरे झूले झूलना |
| 284 | LK442 | ये हो बीरा सुमिरौ मैं हनुमान महा मोर मावलिया |
| 285 | LK937 | धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद |
| 286 | LK529 | गउवा चराये प्रतिपाला मोर किसन कन्हैया |
| 287 | LK941 | मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन |
| 288 | LK840 | तीजा बरोबर आऐ ओ दाई |
| 289 | LK667 | महामाया के दर्शन कर लौ रे |
| 290 | LK601 | का तोला मानव दाई का तोला मानव ओ |
| 291 | LK516 | ऐ हो मलनिया रद्दा भर फूलवा बिछा दे |
| 292 | LK294 | अंगार मोती मोरे दाई वो |
| 293 | LK978 | जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां-मोनिका वर्मा |
| 294 | LK946 | आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-लालाराम साहू |
| 295 | LK762 | राम लखन बोए हे जंवारा ओ माते सिरी |
| 296 | LK722 | ऐ मोर दाई जतमाई वो |
| 297 | LK968 | चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां -पारंपरिक |
| 298 | LK944 | जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन |
| 299 | LK943 | भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू |
| 300 | LK828 | तैं झूपत आबे वो |
| 301 | LK1049 | तोर नाक के नथनी चमके तोर माथ के टिकली चमके |
| 302 | LK933 | दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू |
| 303 | LK843 | तोला दुर्गा कहौं की माँ काली |
| 304 | LK693 | माटी के दुर्गा तोला बइठारेव |
| 305 | LK671 | मईया झूलत हावै झूलना |
| 306 | LK669 | नव दिन बर माटी के दुर्गा माढ़े महामायी ओ |
| 307 | LK477 | छिनमस्तिका वो मोर मईया छिनमस्तिका वो मोर |
| 308 | LK957 | माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना-पारंपरिक |
| 309 | LK493 | दाई मोला नौकर बना ले ओ तोर डेहरी के |
| 310 | LK392 | ऐ मोर महतारी तोरे दुवारी आरती सजांव |
| 311 | LK1053 | डम डम डमरू बजावै हो डम डम डमरू बजावै हो |
| 312 | LK997 | बैठे हे सागर के वो पार घुंघरू बजावथे-लक्ष्मीन सिंगरौल |
| 313 | LK984 | मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा |
| 314 | LK708 | महा मोरे मावलिया हो मा |
| 315 | LK834 | का रंग मा रंगाये मोला ओ तरसत हे नैना दरस बर |
| 316 | LK1013 | ये लंगुरे खोजन बर हो अब चलय महामाई -गुलाबा देवी खरे |
| 317 | LK993 | सब देवता हा काली तोरे तन ला सिंगारे हो मां -मनहरण साहू |
| 318 | LK961 | तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर |
| 319 | LK950 | तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन |
| 320 | LK862 | तोर मया के कईसे दाई करौ मै बखान |
| 321 | LK1030 | घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां -कुबेर साहू |
| 322 | LK1021 | मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना सोन के चिरैया बोले |
| 323 | LK1003 | रनबन रनबन हां तुम खेलव दुलरवा रनबन रनबन हां -गौतम टंडन |
| 324 | LK992 | भैरव रे बाबा जोगिया जोगिया के कुंदरा सुहावन नीक लागे-बलराम कामड़ी |
| 325 | LK990 | शारद मोर सती मां महिमा तोर हावय वो अपार-पारंपरिक |
| 326 | LK988 | काखर आना हो मैया काखर बाना हो -भुनेश्वर यादव |
| 327 | LK987 | ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके -पारंपरिक |
| 328 | LK966 | तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू |
| 329 | LK949 | सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गायेन वो |
| 330 | LK947 | हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना (पारंपरिक)-रत्ना विश्वकर्मा |
| 331 | LK870 | उड़ जा रे पंछी मईया के दुवरिया |
| 332 | LK736 | मै हा तोर भाव भजन ला नई जानव ओ |
| 333 | LK707 | मोरे मावलिया |
| 334 | LK1099 | हरियर मड़वा ला काबर टोरे मोर देव दुलरवा |
| 335 | LK1043 | तरिहच नारी नाहना वो माय-दीपक साहू |
| 336 | LK1018 | रिगबिग रिगबिग रिगबिग ज्योत जलत हे |
| 337 | LK1000 | लहर के नाचय दुर्गा घुमर के नाचय दुर्गा -जसराज सिंहा |
| 338 | LK975 | आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई |
| 339 | LK971 | तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा महामाई -कुबेर साहू |
| 340 | LK970 | अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां |
| 341 | LK860 | तोर कोरा के खेलईया लईका आन ओ |
| 342 | LK854 | तोर दर्शन पायेव ओ नव कलशा मे महामायी |
| 343 | LK845 | तोला मार के मैं हा गिराहूं रे मैं वो दुर्गा अंव |
| 344 | LK815 | महा मोरे मावलिया हो मा |
| 345 | LK608 | कईसे रचे हस वो तैं हा जग संसार |
| 346 | LK282 | ए महक मारे दाई वो तोरे फूलवारी |
| 347 | LK1042 | आओ देवी दुर्गा हमरो दुवरिया हो -देवेन्द्र साहू,लेखराम साहू |
| 348 | LK954 | आरती मां के सजाये ओ मोर भैया लंगुरे -पारंपरिक |
| 349 | LK820 | सुरता सुरता दाई तोर सुरता आते वो |
| 350 | LK756 | दाई तोर आंखी ले बरसे पानी |
| 351 | LK746 | नीम छंईहा मा बिराजे दाई मोर |
| 352 | LK614 | कलयुग में काली अवतरही पापी मन के नाश ला करही |
| 353 | LK420 | बालोद के तीर मा हावै तोर गांव |
| 354 | LK1144 | धुर्रा खेंलन झन जाबे बाबू लंगुरे |
| 355 | LK1101 | जब चंदा ला नेवतेव सुरुज ला नेवतेव नेवतेव आदि भवानी |
| 356 | LK1061 | कोन कोन देवता आए भुवन मा कोन देवता नहीं आए-पप्पू यादव |
| 357 | LK983 | तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार-खुशबू कुमारी |
| 358 | LK979 | झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू |
| 359 | LK855 | तोर डीही के दीया बरईया मन गोहारे तोला ओ |
| 360 | LK835 | दिया ना बाती ना तेल नइये |
| 361 | LK745 | नवरात के दुर्गा वो |
| 362 | LK681 | माई के दुलरवा ला मना के लाबो |
| 363 | LK458 | चल चंदरपुर जाबो गा भैया |
| 364 | LK306 | ऐ हो मलनिया रद्दा भर फूलवा बिछा दे |
| 365 | LK1158 | हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां |
| 366 | LK1098 | तोर आरती उतारव हो जगतारण जग में -ममता देशमुख |
| 367 | LK1065 | कौन विधि बरनव वो तोर नाम ला दुर्गा |
| 368 | LK1045 | कंकालीन मोरे माया हो दयालु मोरे माया |
| 369 | LK1044 | कंकालीन किंजरे रनबन रनबन हाँ -दीपक वर्मा |
| 370 | LK1029 | माता के अंगना मा तुलसी के बिरवा वो |
| 371 | LK1028 | पलना गड़े हे मजेदार झूलो ना मैया पालना-डी.एस. भुआर्य |
| 372 | LK999 | माटी के पुतरी अंबा नवदिन बर आये हो-विनोद देवांगन |
| 373 | LK980 | जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता |
| 374 | LK964 | जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा-रामजी सोनी |
| 375 | LK959 | जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू |
| 376 | LK838 | तरसे नैना मोर कब होही दर्शन तोर |
| 377 | LK740 | नव कलशा नव कलशा |
| 378 | LK649 | लाली लाली चुनरी ले ले ओ |
| 379 | LK362 | आशीष दे दुर्गा भवानी |
| 380 | LK1100 | पतली कमर मोर माता दुर्गा के कनिहा ले हावय लंबे बाल-रीनू सोनकर |
| 381 | LK1080 | निर्मल निर्जल पानी सगुरिया के निर्मल निर्जल पानी हो मां -फेरू राम निषाद |
| 382 | LK1069 | आमा पान के पतरी करेला पान के दोना वो |
| 383 | LK1066 | रुमझुम रुमझुम चिरैया बोले माया मोर-दीनू साहू |
| 384 | LK1052 | कब तैंहा आबे वो दाई हमरो घर पहुना बनके |
| 385 | LK1033 | हो कारी ओ मड़ुलिया हां निर्मल के हो माता -नारायण सोनी |
| 386 | LK1027 | ये बघवा मा आबे दाई बघवा मा आबे मैया -श्रीराम ठाकुर |
| 387 | LK1012 | जब अशोक बन में हो मोर सिया घबराये-कुबेर साहू |
| 388 | LK1010 | नवदुर्गा जावय गंगा नहाये बर हां -पारंपरिक |
| 389 | LK1002 | झूला झुलौनी चलो खेलबोन हो माया मोर-देवकुंवर बंजारे |
| 390 | LK982 | भैया ठाकुर देव मोर बाला ठाकुर देव -गंगाराम साहू |
| 391 | LK981 | हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो-दुकालु यादव,दिनेश साहू |
| 392 | LK976 | जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला-पारंपरिक |
| 393 | LK974 | आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर |
| 394 | LK945 | पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव |
| 395 | LK942 | मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण |
| 396 | LK849 | तोर बगिया के ओ मोला बना ले दाई माली |
| 397 | LK739 | नव दुर्गा अवतार हो नव दिन राती मा |
| 398 | LK630 | करसा बनादे कुम्हरा करसा बनादे गा माता के आगे नवरात |
| 399 | LK492 | जागत जागत सब दिन सुमिरौ |
| 400 | LK1137 | पगु धारे हो माया रुमुक झुमुक ला हां |
| 401 | LK1068 | मोहनी मुरतिया हे तोर मोर देवी दुर्गा |
| 402 | LK1058 | चल उड़जा उड़जा सुवना माता मयारु के भुवना-शिव सेन |
| 403 | LK1041 | कारी मा बिरबीट कारी माता कलकत्ता वाली |
| 404 | LK1017 | नदिया के तीर तीर दुई जोड़ी बैला-कुबेर साहू |
| 405 | LK1015 | निबुआ के धरम दुवार हो माया मोर -हरि वर्मा |
| 406 | LK969 | लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव |
| 407 | LK963 | जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां -सेवा समिति रुदगांव |
| 408 | LK962 | तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी |
| 409 | LK877 | उठो उठो भवानी अब तो जागो |
| 410 | LK814 | मोरे मावलिया हो मावलिया |
| 411 | LK623 | कईसे करंव मैं दाई ओ जग ला रचे बर मन बनाये हौ |
| 412 | LK1145 | कैसे मालिन टोरी कैसे मालिन टोरी |
| 413 | LK1130 | जब सुमर सुमर के हां तोला बंदव माता |
| 414 | LK1076 | तोला बंदत हंव दिन रात वो मोर दुर्गा मैया |
| 415 | LK1046 | नई जानेव सेवा ला तुम्हार ऐ मोर मैया |
| 416 | LK1040 | चैत महिना में मैया रचे हे बिहावे वो-मीना यादव |
| 417 | LK1009 | ये लगे हे स्वयंबर हां माता दुरपति के-द्वारिका प्रसाद वर्मा |
| 418 | LK985 | हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा आदि भवानी -नारायण सोनी |
| 419 | LK967 | जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां -सेवा समिति बरबसपुर |
| 420 | LK953 | ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे मोर पारथे गोहार |
| 421 | LK613 | चले काली कराली मरघट वाली दानव के संग में लड़ने को |
| 422 | LK510 | तोर डेहरी मा दाई वो ऐ शीतला दाई सेवकाई करतेंव |
| 423 | LK484 | नव दिन बर भेज के तोला किरपा करे हे भोला |
| 424 | LK1142 | डोंगरगढ़ के हां बमलाई ला सुमिरव |
| 425 | LK1132 | पहली मा सिरजे भाई मोर धरती अउ पिरथी ला-झग्गर साहू |
| 426 | LK1127 | हो मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना |
| 427 | LK1125 | गड़ा देगा भैया डोलवा झूला देगा भैया झूलना |
| 428 | LK1109 | मैया तोर अंगना मैया तोर भुवना रुमझुम चिरैया बोले |
| 429 | LK1105 | अंबे के भुवन कहां दुर्गा के भुवन कहां |
| 430 | LK1086 | मैं बालक बरुवा वो दाई तोर सेवा में आयेव मां -भूषण फेकर |
| 431 | LK1073 | अबड़ सुघर लागे वो मैया तोर सेवा हर |
| 432 | LK1039 | गिरी पर्वत ले उतरे महामाई वो उतरे महामाई |
| 433 | LK1032 | घपटे अंधियारी वो मैया चमके बिजुलिया वो-राजिम केंवट |
| 434 | LK998 | यहो जय दुर्गा जय शीतला भवानी जय जय शेरोवाली -पारंपरिक |
| 435 | LK989 | बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे |
| 436 | LK973 | हो मैया ताले सगुरिया ताले सगुरिया के निर्मल पानी -अनुसूईया साहू |
| 437 | LK821 | सुरता तोर आही मोला वो |
| 438 | LK805 | चल ना जोत जलाबो |
| 439 | LK514 | दुर्गा दाई के दरबार चलो आगे रे नवराती तेवहार |
| 440 | LK1141 | माई बर फूल गजरा गुंथव वो देवी बर-विजय कुमार सिंगरौल |
| 441 | LK1122 | दाई तोर भुवन मा जंवारा बोवाये हे |
| 442 | LK1120 | ये मन रीझगे वो माता तोरे फुलवरिया मा हां-सुमित्रा ध्रुव |
| 443 | LK1057 | मोर मनहर बंशी बाजगे भुवन में हां |
| 444 | LK1054 | ये नवदिन के कलशा जलाये हंव जगतारण वो -गुलाबा देवी खरे |
| 445 | LK1035 | तरजाही ओ चोला हा तोरे दरश ले हां -नोहर वर्मा |
| 446 | LK1025 | जमुना के तट मा चंदन एक बिरवा हो मां -जंतराम ध्रुव |
| 447 | LK1022 | तैं जनम धरे माता दुनिया ला तारे बर हां -भगवानी यादव |
| 448 | LK995 | हियो हियो हंका पारे मोर बन कदली मा-पारंपरिक |
| 449 | LK885 | ये हो अटल कुंवारी दाई देथे दुलार वो |
| 450 | LK864 | तोर माया के छटा बगारगे |
| 451 | LK742 | नव कलसा मा बिराज |
| 452 | LK685 | माता महरानी के गांव संतो |
| 453 | LK615 | मोर दुर्गा दाई ओ कण कण मा तै समाए |
| 454 | LK422 | बन्दव तोला दाई ओ सुमिरौ तोला माई ओ |
| 455 | LK307 | आसन म बघवा काबर सुहाए हो |
| 456 | LK1116 | मैया धीरे झुलव वो जलनी धीरे झुलव वो-लवकुमार |
| 457 | LK1113 | मैं गावंव मैया दुलरु जनम ला हां -पारंपरिक |
| 458 | LK1095 | जग ला रचे हे पांचों पंडवा मोर दुर्गा मैया -अर्जुन यादव |
| 459 | LK1089 | कोन मेर राहय वो मैया मोंगरी मछुरिया वो-राजिम केंवट |
| 460 | LK1048 | मैं लायेव दुर्गा तोर बर मोंगरा के हार-रामनाथ वर्मा |
| 461 | LK1047 | मैया माता मोरे दुर्गा मैया मोरे-हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद |
| 462 | LK1034 | तोरे चरण के मैं दास मैं आयेव अंबे-मोतीलाल जलतारे,गुंजा मानिकपुरी |
| 463 | LK1020 | माई के दरश बर हां तै महु ला अगोरबे -कुबेर साहू |
| 464 | LK996 | साजे सतवंतिन दाई रुचमुच शृंगारी वो-दुकालु यादव, सुरेन्द्र वर्मा |
| 465 | LK687 | माता रानी के दरबार |
| 466 | LK389 | मन शीतल कर शिव शंकर |
| 467 | LK1157 | कोन रुखवा मा कोन देवता बिराजे हो माया |
| 468 | LK1138 | लंगुरे तो लंगुरे हो मैया हंका वो परत है-संपत लाल निषाद |
| 469 | LK1128 | मैं बंदत हंव दिन रात वो मोर शीतला मैया |
| 470 | LK1118 | ये रिग बिग रिग बिग हां जग जोत जलत हे -पारंपरिक |
| 471 | LK1106 | अनलेख ओ दाई दियना जलत हे अनलेख-चिन्तु राम सेन |
| 472 | LK1103 | जब फूलन के हरवा हां गल डालो मलनिया फूलन के हरवा हां-दीपक वर्मा |
| 473 | LK1102 | रुमझुम चिरैया बोले वो मैया तोर अंगना मा |
| 474 | LK1085 | जब नवदुर्गा के हां मैं चरण ला बंदव-कुबेर साहू |
| 475 | LK1082 | नदिया किनारे बने हे एक मंदिरवा-दीपक वर्मा |
| 476 | LK1072 | डबरा में जन्मे हो महिषासुर दानव-पारंपरिक |
| 477 | LK1071 | जब शीतलंग शीतलंग रटे बुढ़ी माई-गौतम टंडन |
| 478 | LK1062 | उड़ जाबे रे सुवना मैया के अंगना हां-कुबेर साहू |
| 479 | LK1059 | माता के अंगना मा दाई फुलवा के बगिया वो-धनेश्वर निषाद, गायत्री निषाद |
| 480 | LK1051 | मोर माया के दरबार कोयलिया कुहु कुहु बोले ना-सीमा कौशिक |
| 481 | LK1038 | देवी के भुवन मा बरथे जोत-मोतीलाल जलतारे, गुंजा मानिकपुरी |
| 482 | LK1031 | माता के दुलरवा लंगुरे सेवा मा आहू ना |
| 483 | LK1019 | शीतला बिराजे वो मोर गांव मा बर नीम के छांव मां-कुबेर साहू |
| 484 | LK1014 | देवी के सिंगारे बर येहो मोर चलय मलनिया -पारंपरिक |
| 485 | LK1011 | कलप कलप के हां दुरपति पुकारे कलप कलप के हां |
| 486 | LK965 | ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई ला महामाई ला-कामता सेन |
| 487 | LK819 | सुपा सुपा लाई दाई |
| 488 | LK726 | मोर करेजा फट जाही जब होही तोर बिदाई |
| 489 | LK676 | ममता के आँसू बरसाये दाई ओ |
| 490 | LK512 | दुनो मुड़ मा बिराजे बड़ निक लागे महामायी ओ |
| 491 | LK406 | अंटागढ़ वाली दाई अंटागढ़ वाली वो |
| 492 | LK1156 | झूला झूलव भवानी हृदय के झूलना मा मोर-ज्ञानेश कैवर्त |
| 493 | LK1149 | ऐ गा ऐ जंगल के राजा महतारी ला लेके आजा-लोकेश्वरी सेन |
| 494 | LK1147 | कुनिया लहसी गे अरे हां पर्वत में महादेव -द्रोपति निषाद |
| 495 | LK1146 | कैसे गुण गावंव काली कंकाली |
| 496 | LK1143 | बरन बरन के हां तुम धरेव वो सवारी |
| 497 | LK1136 | तेंहा कोरा मा खेलाले ओ दाई-पं मदन चौहान |
| 498 | LK1135 | बर अघुवावय वो पीपर पछुवावय वो-गौतम टंडन |
| 499 | LK1133 | तोला डंडा शरण मनावव वो ठाकुर देव शीतलैया- जय सीयाराम यादव |
| 500 | LK1131 | सरस्वती तोला वो बंदव बारम बारे -कुबेर साहू |
| 501 | LK1124 | एक बाजा बाजे वो मैया कोट नगर में |
| 502 | LK1121 | ये मन के मंदिर मा हो तोर पूजा करंव दाई |
| 503 | LK1117 | येहो मां दुर्गा काकर अंगना मा लीम डार हो मां-पारंपरिक |
| 504 | LK1115 | मोर अंगना ला काबर छोड़े मोर दुर्गा दुलौरिन-दिनेश जांगड़े |
| 505 | LK1112 | सुमर सुमर के मैया तोरे जस गावंव वो-ओंकार वर्मा |
| 506 | LK1108 | जगमग जगमग हां जगजोत जंवारा -हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद |
| 507 | LK1104 | दौड़त आयेव वो भवानी दौड़त आयेव वो-हस्तिका एवं द्रोपती निषाद |
| 508 | LK1087 | नदिया के तीर तीर मैया लगे हे केवड़िया- भुवन टंडन एवं गौतम टंडन |
| 509 | LK1083 | मोर दुर्गा भवानी दर्शन करे ला आयेव तोर |
| 510 | LK1079 | ये कांपत हे दुनिया हो जब काली हा उमड़े-सदन यादव एवं संतोषी दिवान |
| 511 | LK1078 | गौरी बिहाये बर हो शिव भोला हर जावय-कुबेर साहू |
| 512 | LK1074 | मैं नई तो जानों देवी के अपार माया ओ-लीला बाई साहू |
| 513 | LK1070 | चरके भगाईगे हो मोर हरिण मृगवा-तिहारू यादव एवं कुसुम प्रजापति |
| 514 | LK1067 | तै आशु बोहाये वो तै आशु बोहाये ना-ममता देशमुख |
| 515 | LK1064 | फुल बोले मलनिया बगिया में सोने सोने हार-ममता देशमुख |
| 516 | LK1056 | तोर ललना झुलावय आज वो दाई झूले झूलना-युवराज निषाद |
| 517 | LK1050 | हो ब्रह्म धरले कमंडल ब्रह्म धरले कमंडल माता सेवा में चले आये हो मां -दीपक साहू |
| 518 | LK1037 | छत्तीसगढ़ अंगना चंदन एक रुखवा हो मां -गंगाबाई मानिकपुरी |
| 519 | LK1036 | तोर जोत जंवारा रिगबिग रिगबिग मां-अनुसूईया साहू |
| 520 | LK1026 | आबे नवरात मा दाई मोर अंगना मा वो-कार्तिक साहू |
| 521 | LK1016 | सबो देवता आये हे अपने भुवन ले वो सबो देवता आये हे-चैनू साहू |
| 522 | LK1006 | बैठे सिंहासन देवी बुढ़ीमाई हो छत्तीसगढ़ के गौटनीन कहाये हो माया मोर-राजू सेन |
| 523 | LK1005 | तोर पांव के पैजन बाजे तोर नाक के नथनी हा डोलय-कामता प्रसाद शरण |
| 524 | LK1004 | हो मैया तोरे भुवन मा वो दाई तोरे मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 525 | LK991 | पंडा कराये रहो पूजा मैया जी की झूम झूम के |
| 526 | LK972 | तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा |
| 527 | LK958 | हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई मन के मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 528 | LK952 | मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा |
| 529 | LK847 | तोला मोला सब ला जाना हे |
| 530 | LK1154 | मां येहो निरंजन जोगी नंद घर अलख जगाये हो मां -संपत लाल निषाद |
| 531 | LK1140 | अतना के बेरिया कौन देव ला सुमिरौ वो-जंतराम ध्रुव |
| 532 | LK1139 | जब बाना लेवन बर हो चले दुलरु दुलरवा -कुबेर साहू |
| 533 | LK1134 | माया के माया के भुवन पर नारद वीणा बजाएं -अश्वनी वर्मा |
| 534 | LK1129 | बघवा मा बैठे रणगरजे वो दुर्गा दुलौरिन दाई-पुरण साहू |
| 535 | LK1123 | हां काकर अंगना में मैया गढ़े हे हिंडोलना वो |
| 536 | LK1119 | ये महामाई चरण ला हां मैं बंदव माता -अश्वनी वर्मा |
| 537 | LK1096 | करे सेवुक तोर आरती दीया थारी ला सजाके -कुंजलाल साहू |
| 538 | LK1092 | हल जोतय ओ महादेव डोंगरी के तीर तीर हां-श्रीराम ठाकुर |
| 539 | LK1091 | जब देवी दरश बर हो सब देवता हा आवय-कुबेर साहू |
| 540 | LK1077 | यहु पार यमुना वो दाई मोर वहु पार यमुना हो-गौतम टंडन |
| 541 | LK1060 | बघवा मा होके वो सवार आबे दुर्गा दाई-कुबेर साहू |
| 542 | LK1160 | ऐ ओ मयारू दाई वीणा बजावत चले आबे ओ-लोकेश्वरी सेन |
| 543 | LK1150 | जगमग जगमग मैया भुवन करत हे-मीना यादव |
| 544 | LK1088 | ये लंगुरवा नाचे ओ ये लंगुरवा नाचे ना-राजिम केंवट |
| 545 | LK1075 | माता शीतला बंदव चरण कर जोरे हो मां |
| 546 | LK1055 | मोर गरीब घर आये देवी दुर्गा वो कैसे के करौं तोर मान हो मां-राजू वर्मा |
| 547 | LK1007 | जै जै दुर्गा हो नवदुर्गा हो माता -पूर्णिमा साहू,दीपक साहू |
| 548 | LK994 | बारमसी चिरैया होगे बिहनिया माता जी के करथे सिंगार-ढेला बाई सूर्यवंशी |
| 549 | LK1159 | दसो अगुरिया के मैया अरजी करत हन-हस्तिका निषाद एवं द्रोपती निषाद |
| 550 | LK1155 | चुन चुन फूलवा मैं लाने हावंव ओ |
| 551 | LK1126 | माता के अंगना वो केवला के भुवना वो |
| 552 | LK1110 | नवरंग चुनरी चढ़ाये ओ माता नवरंग चुनरी चढ़ाये-लीला बाई साहू |
| 553 | LK1084 | कैसे चढ़ावंव आरुग फूलवा तोर चरण मा दाई |
| 554 | LK1081 | हो मैया तोरे चरण में हो दाई तोरे चरण में -भगवानी यादव |
| 555 | LK1063 | कैसे के जस तोरे गांवव वो बुढ़ी माई-भूषण फेकर |
| 556 | LK1151 | हे मैया शारदे मया अउ दुलार दे-चिंतुराम सेन |
| 557 | LK1148 | ये बीच बस्ती मा मैया तैंहा बिराजे वो-विजय कुमार सिंगरौल |
| 558 | LK1114 | दहिया बेचन बर हां मोर चले ग्वालीन |
| 559 | LK1111 | काकर खांद पर सोनहा जनेव वो-हेमंत तेली |
| 560 | LK1107 | मैया निक लागे ओ तोर भुवन फुलवरिया-कुबेर साहू |
| 561 | LK1097 | झूलना झूलन बर हां मैया मोर जावय |
| 562 | LK1094 | सिंगार भवानी वो पांचों रंग सजले हां-हेमंत तेली |
| 563 | LK1093 | जय चंडी जय दुर्गा काली जय जय खप्परवाली-चामराय साहू |
| 564 | LK1090 | कउने रंग फुलवा अउ कउने रंग चुनरिया ओ-राजिम केंवट |
| 565 | LK1153 | दाई के मयारु बघवा कहां लुकागे-राकेश साहू |
| 566 | LK1152 | माता जगदंबा ऐ भवानी तैं आके बिराजे-कुंती साहू एवं हर्षा प्रधान |