मुखड़ा :
ऐ वो मोर दाई दुलोरिन, ऐ वो दुर्गा सिरमोतिन,
महिमा तोर अगम अपारे।
--
अंतरा 1 :
देवता धामी साधु संत, ऋषि मुनि ज्ञानी वो,
तोरे चरण ला पखारे।
मया सबो बर लमाये, तहि जगजननी कहाये,
महिमा तोर अगम अपारे...
ऐ वो मोर दाई दुलोरिन, ऐ वो दुर्गा सिरमोतिन,
महिमा तोर अगम अपारे।
--
अंतरा 2 :
आदि कुंवारी, तहीं आदि भवानी वो,
ऊंचहा सिंहासन लगाये।
सत असत के, दया अउ धरम के वो,
जेमा मा हे मोतियन जड़ाये,
माता तैं हस सतधारी, दुनिया भर के रखवारिन,
महिमा तोर अगम अपारे...
ऐ वो मोर दाई दुलोरिन, ऐ वो दुर्गा सिरमोतिन,
महिमा तोर अगम अपारे।
--
अंतरा 3 :
तोर दया ले सबो अन्न धन पाये वो,
अन्नपूर्णा दाई तैं जनाये।
अउ अन्न धन के तैं भंडारी, दाई बघवा के सवारी,
महिमा तोर अगम अपारे...
ऐ वो मोर दाई दुलोरिन, ऐ वो दुर्गा सिरमोतिन,
महिमा तोर अगम अपारे।
--
अंतरा 4 :
आयेव तोर भुवन मा, पायेव तोर दरश ला वो,
दरशन में चोला हा जुड़ाये।
माथ नवाके करंव, अरजी अउ विनती ला वो,
दया अउ मया तोर पायेव।
.दुखिया के तैं दुखहारी, प्रेमी के तैं चीज़हारिन,
महिमा तोर अगम अपारे...
--
समापन (टेक) :
ऐ मोर दाई दुलोरिन, ऐ दुर्गा सिरमोतिन,
महिमा तोर अगम अपारे।
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: Pekhanlal Sahu Dhamtari CG Jasgeet
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics