🌺 जसगीत – तोला भार लागे माय 🌺
मुखड़ा :
तोला भार लागे माय ऐ फुलवारी के पंडो के,
तोला भार लागे माय ॥2॥
--
अंतरा 1 :
छै छै महिना सेवा गांवो, कैसे तोला मनावो,
पान फूल गंगाजल पानी, निशदिन आन
चढ़ावो।
धूप दीप तुलसी दुबिया के देव तोला फुहारा,
बालक बरुवा तोरे हो माता, तुम हो आदि
भवानी।
उड़ान:
यहो चौदह भुवन अउ तीन लोक के तुम हो
जगरानी...
मुखड़ा :
तोला भार लागे माय ऐ फुलवारी के पंडो के,
तोला भार लागे माय ॥2॥
--
अंतरा 2 :
ब्रह्म बिष्णु शेष शारदा, नारद मिलके गाये,
धांधू भगत पंडो बैठे, लंगूरे ढप बजाये।
मां के मंदिर में भैरु बाजे, भूतन मारे ताली,
महावीर बजरंगी के डंका हा करदीस सबके
बेहाली।
उड़ान:
अहो डंका सुनके भूतवा भागे, मलिया
धोखा खाये हो...
मुखड़ा :
तोला भार लागे माय ऐ फुलवारी के पंडो के,
तोला भार लागे माय ॥2॥
--
अंतरा 3 :
सातो बहिनिया जुगती मुकती, बैठे बुढ़ी माय,
चारों कोना दीया जलत हे, धुंआ उड़े
आकाश।
देवन मन सब फूल बरसाए, भूत प्रेत तोर
संग मा,
पान फूल के भोग लगाए, कंचन मोती के
थार मा।
उड़ान:
यहो जय चंडी जय अंबे काली, माथ नवावंव
तोर
मुखड़ा :
तोला भार लागे माय ऐ फुलवारी के पंडो के,
तोला भार लागे माय ॥2॥
--
✍ लेखक: गीतकार एवं स्वर-पेखनलाल साहू
🎤 प्रस्तुतकर्ता: Pekhanlal Sahu Dhamtari CG Jasgeet
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics