संझा बिहनिया हो – डेविड निराला
//मुखड़ा//
संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव मईया
संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
येहो संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव
मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -1
यहो होत बिहनिया सुरुज देवता आरती तोर
उतारे
होत बिहनिया सुरुज देवता आरती तोर उतारे
उड़ान - यहो चंदा चंदेनी तोर ओ माता संझा
बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -2
यहो जग के रचईया ब्रम्हा विष्णु आरती तोर
उतारे
जग के रचईया ब्रम्हा विष्णु आरती तोर उतारे
उड़ान - यहो ढोल नगाड़ा घंटा बाजे संझा
बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -3
यहो देवतन के देवा महादेवा आरती तोर
उतारे
देवतन के देवा महादेवा आरती तोर उतारे
उड़ान - यहो डमडम डमडम डमरू बजाये
संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -4
यहो विघन हरइया गणपति देवता आरती
तोर उतारे
विघन हरइया गणपति देवता आरती
तोर उतारे
उड़ान - यहो रिद्धि सिद्धि मन लाये कलेवा
संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -5
यहो जगमग जगमग राम चंद्र जी आरती
तोर उतारे
जगमग जगमग राम चंद्र जी आरती
तोर उतारे
उड़ान - यहो सत के दियना सत के बाती
संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -6
यहो शंख बजावत पांचो पंडवा आरती
तोर उतारे
शंख बजावत पांचो पंडवा आरती तोर उतारे
उड़ान - यहो चंपा चमेली फूल चढ़ाये संझा
बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -7
यहो मन के हरइया किसन कन्हैया आरती
तोर उतारे
मन के हरइया किसन कन्हैया आरती
तोर उतारे
उड़ान - यहो मोहनी सुर के बसुरी बजाये
संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -8
यहो ऋषि मुनि अउ नारद सारद आरती
तोर उतारे
ऋषि मुनि अउ नारद सारद आरती तोर उतारे
उड़ान - यहो हुम् धूप अउ गुगुर जराये संझा
बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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अंतरा -9
यहो नर नारी अउ कतको भगत मन आरती
तोर उतारे
नर नारी अउ कतको भगत मन आरती
तोर उतारे
उड़ान - यहो निराला तोर जस सुनाये संझा
बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
🌺 जय माता दी 🌺
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: CHANDAN BHAKTI MAA
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