मुखड़ा:
जब देवी दरश बर हो,
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां।
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां॥
अंतरा 1:
जब ब्रह्मालोक ले ब्रह्मा आवय, हंस के
हावै सवारी। (2)
हंस के हावै सवारी, माता हंस के
हावै सवारी।
ब्रह्मालोक ले ब्रह्मा आवय, हंस के
हावै सवारी।
जब ब्रह्माणी ला संग में लावय, देवी दरश
बर हां॥
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां॥ (2)
अंतरा 2:
जब क्षीरसागर ले विष्णु आवय, गरुड़ के
हावै सवारी। (2)
गरुड़ के हावै सवारी, माता गरुड़ के
हावै सवारी।
क्षीरसागर ले विष्णु आवय, गरुड़ के
हावै सवारी।
जब लक्ष्मी जी ला संग में लावय, देवी दरश
बर हां॥
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां॥ (2)
अंतरा 3:
जब कैलाशे ले भोला आवय, बैला के
हावै सवारी। (2)
बैला के हावै सवारी हो माता, बैला के
हावै सवारी।
कैलाशे ले भोला आवय, बैला के हावै सवारी।
जब डम-डम डमरू बजावत आवय, देवी
दरश बर हां॥
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां॥ (2)
अंतरा 4:
जब पांच भगत मिल तोरे जस गायें, जय-
जय बोलें तुम्हारे। (2)
जय-जय बोलें तुम्हारे माता, जय-जय
बोलें तुम्हारे।
पांच भगत मिल तोरे जस गायें, जय-जय
बोलें तुम्हारे।
जब बालक बरूआ कछु नई जानय, देवी
दरश बर हां॥
अंतिम मुखड़ा:
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हो।
सब देवता हा आवय देवी दरश बर हां॥
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✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: CG Jas Seva
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