मुखड़ा
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां।
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां।
--
अंतरा 1 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
कुम्हरापारा वो झन जाबे मोरे मां॥
कुम्हरीन छोकरी अजब एक मोहनी,
करसा में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 2 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
लोहारपारा वो झन जाबे मोरे मां॥
लोहारिन छोकरी अजब एक मोहनी,
खड़ग में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 3 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
कड़रापारा वो झन जाबे मोरे मां॥
कड़रिन छोकरी अजब एक मोहनी,
टुकनी में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 4 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
मरारपारा वो झन जाबे मोरे मां॥
मरारिन छोकरी अजब एक मोहनी,
लिमुवा में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 5 --
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
बनियापारा वो झन जाबे मोरे मां॥
बनियन छोकरी अजब एक मोहनी,
नारियल में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 6 –
सबे पारा जाबे दुलरु, खेल कूद आईबे,
दर्जीपारा वो झन जाबे मोरे मां॥
दरजिन छोकरी अजब एक मोहनी,
ध्वजा में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 7 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
तेलीपारा वो झन जाबे मोरे मां॥
तेलीन छोकरी अजब एक मोहनी,
तेल में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 8 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
केंवटपारा वो झन जाबे मोरे मां॥
केंवटिन छोकरी अजब एक मोहनी,
लाई में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
अंतरा 9 –
सबे पारा जाबे हो मैया, खेल कूद आईबे,
बैगापारा वो झन जाबे मोरे मां॥
बैगीन छोकरी अजब एक मोहनी,
निंबुआ में राखे हे लुभाय मोरे मां॥
👉 मुखड़ा (समापन)
धुरवा खेलन झन जाबे भैया लंगुरे,
घुंघरु में कंकड़ समाये मोरे मां॥
--
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: CG Jas Seva Pekhanlal Sahu Dhamtari CG
अगर आप अपने चैनल, कला मंच, रामायण मंडली, धुमाल, बाजा, प्रोडक्ट, सर्विस या किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बड़ी ऑडियंस तक पहुँचाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर आसानी से विज्ञापन दे सकते हैं। बेहतर पहुँच, सस्ता रेट और 100% ऑर्गेनिक यूज़र्स!
क्या आप एक सिंगर या लेखक हैं या लिरिक्स लिखने का शौक रखते हैं? अपनी लिरिक्स शेयर करें और हजारों लोगों तक पहुँचें। अपनी रचनात्मकता को एक नया मंच दें और अपने लेखन से लाखों लोगों को प्रेरित करें।
Search CG Song Lyrics