ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
सांच कहौ विश्वास मान लो
अरे सांच कहौ विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
सांची मोरे बानी राजा
गउकी बाम्हन मत मानो
जय हो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
सुत उठ प्रातः काल
बौना खड़े बलि द्वार
ऐसो धर्मी दानी संग
मांगे साढ़े तीन पांव
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
मैं तो देव लोक रइथौ
श्रीकृष्ण जबथौ
तुम दानी हवव राजा
मोरे दुख हरौ राजा
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
मैं तो मांगे मांगे भिक्षा
करथौ अपन गुजारा राजा
गउकी बाम्हन मत मानो
जय हो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
सुनो सुनो सुनो राजा
मान लो हमार बात
अपरंपार लीला लगे हे तुम्हार
साथ गुण म भरे हे
ऐ छोटे न निहारो आज
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
देवकी वसुदेव घर अवतार लियो
छप्पन कोटिन यदुवंशीयो को नाश कियो
पुतना को मार सुरलोक में पठाए दियो
कंस जैसे पापी मार दिया गंग में बहाए दियो
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
ये तो तुमसो करत बहाना राजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
एक समय सुन ऐ तो
रावन के नाश कियो
कंचन के कोठ कोड माटी में मिलाए दियो
पृथ्वी का भार एक छिन में उठाए दियो
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
आज तीन पांव तीन लोक को बढाए दियो
एक पांव बलि राजा पीठ म जमाए दियो
चौदह वो भुवन तीनो लोक में प्रकाश कियो
तीन लोक के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
तीन लो के स्वामी जी
वो तो तीन लोक के स्वामी जी
ये तो कल्पवृक्ष के छाया राजा
गउकी बाम्हन मत मानो
जय हो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
सांच कहौ विश्वास मान लो
अरे सांच कहौ विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
विश्वास मान विश्वास मान लो
सांची मोरे बानी राजा
गउकी बाम्हन मत मानो
जय हो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
ऐ जी ऐ जी बलिराजा
गउकी बाम्हन मत मानो
✍ लेखक: खुमान साव, गिरजा कुमार सिन्हा
🎤 प्रस्तुतकर्ता: -
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